
देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की सतर्कता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर भारतीय सेना की गरिमा का दुरुपयोग करते हुए खुद को ‘पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर’ बताने वाले एक शातिर युवक को SOG नैनीताल और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने धर दबोचा है। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सेना की वर्दी में अपनी फर्जी तस्वीरें तैयार की थीं।
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प्राप्त विवरण के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में नशा और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच एक बड़ा इनपुट मिला। दिनांक 01 सितंबर 2026 को मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा SOG कार्यालय हल्द्वानी में सूचना दी गई कि रोहित सिंह मेहता नामक व्यक्ति इंस्टाग्राम पर स्वयं को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बता रहा है।
आरोपी द्वारा सेना के अधिकारी की वर्दी में विभिन्न फर्जी फोटो और पहचान पत्र सोशल मीडिया पर प्रदर्शित किए जा रहे थे। जब सेना के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो इस नाम का कोई भी सैन्यकर्मी वहां दर्ज नहीं पाया गया, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया गया।
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AI और Google Gemini का इस्तेमाल कर बनाई थीं फर्जी फोटो
सूचना मिलते ही एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने SOG प्रभारी मोहन सिंह सौन को मय टीम तत्काल तस्दीक और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर SOG टीम ने जब तलाश शुरू की, तो पता चला कि आरोपी हल्द्वानी के Birla Opus Paint के गोदाम में कार्यरत है।
पुलिस ने तुरंत गोदाम पर दबिश देकर रोहित सिंह मेहता पुत्र खुशाल सिंह मेहता (उम्र करीब 20 वर्ष, मूल निवासी- ग्राम कानीकोट, तहसील पाटी, जनपद चम्पावत, हाल निवासी- गोरापड़ाव, हल्द्वानी) को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया से भारतीय सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें प्राप्त की थीं। इसके बाद उसने Artificial Intelligence / Google Gemini की सहायता से उन तस्वीरों पर अपना चेहरा लगाकर मॉर्फ्ड (फेक) फोटो तैयार कीं और उन्हें इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि इस प्रकार का फर्जीवाड़ा करने का उसका एकमात्र उद्देश्य सोशल मीडिया पर अपनी फॉलोइंग बढ़ाना तथा युवतियों को प्रभावित करना था।
SOG टीम द्वारा उसके कब्जे से मिले मोबाइल फोन की गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामग्रियां बरामद कीं:
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02 स्मार्ट मोबाइल फोन
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01 अदद आधार कार्ड
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01 अदद पैन कार्ड
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मोबाइल फोन में सुरक्षित भारतीय सेना के अधिकारी की वर्दी वाली मॉर्फ्ड फोटो व वीडियो
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एक फर्जी प्रतीत होने वाला Army Identity Card
भारतीय सेना के अधिकारी का प्रतिरूपण (Impersonation) कर फर्जी पहचान प्रदर्शित करने और धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में पुलिस ने त्वरित वैधानिक कार्रवाई की है। कोतवाली हल्द्वानी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 168, 318(3), 319(2) तथा BNSS की धारा 35(3) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा मामले की आगे की गहनता से जांच की जा रही है।
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