देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने, उनकी मानहानि करने और उनके चरित्र पर अनर्गल सवाल खड़े करने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ सियासी पारा गर्मा गया है। इसी कड़ी में आज उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सचिव स्वाति नेगी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने ‘वसूली अभियान मोर्चा’ नामक सोशल मीडिया पेज के संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस प्रदेश सचिव स्वाति नेगी काफी भावुक हो गईं। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि राजनीति में वैचारिक और राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, वे हर आलोचना और सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी महिला के चरित्र और उसके पारिवारिक व ससुराल पक्ष के सम्मान को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
स्वाति नेगी ने कहा, “मैं एक विवाहिता हूं, मेरा अपना परिवार और ससुराल पक्ष है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर मेरे राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को लेकर जिस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है, वह केवल मेरा व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि मेरे पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास है।” उन्होंने आगे कहा कि यह पोस्ट केवल उनका नहीं, बल्कि प्रताप नगर के सम्मानित विधायक विक्रम सिंह नेगी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन महरा—जो दोनों ही उनके पिता समान हैं—उनके भी मान-सम्मान पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि उनकी यह लड़ाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि हर उस महिला के सम्मान के लिए है जिसे सोशल मीडिया की आड़ में बदनाम करने की साजिश रची जाती है।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन को याद दिलाया कि इस संबंध में पूर्व में भी पुलिस को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि 28 दिसंबर 2025 को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर ‘वसूली अभियान मोर्चा’ के संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस पर अपेक्षित और सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उक्त सोशल मीडिया पेज द्वारा 28 फरवरी 2026 को पुनः कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाते हुए राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम जरूर है, लेकिन इसकी आड़ में किसी व्यक्ति की छवि खराब करना, मानहानि करना, चरित्र हनन करना अथवा परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना स्वतंत्रता नहीं बल्कि कानून का गंभीर दुरुपयोग है।
कांग्रेस ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के संचालकों की तत्काल पहचान की जाए तथा आईटी एक्ट (IT Act) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून महानगर अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर गोगी, पार्षद कोमल बोरा ,पार्षद,एतात खान,रॉबिन त्यागी,पिया थापा,मोहन काला लकी राणा, मोहित मेहता, मोनी,विनीत प्रसाद भट्ट (बंटू),संजय,सुलेमान अंसारी, सुरभि शाह, वंदना राही, गुल मोहम्मद, हर्ष बागरी, अभिषेक पासी,प्रियांशु गोड़ इत्यादि शामिल रहे।
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