Uttarakhand Court And Police Concept Representing Mahesh Tamta Surrender In Ramnagar Caseरामनगर कृषक गोलीकांड मामले में आरोपी महेश टम्टा द्वारा कोर्ट में आत्मसमर्पण और हल्द्वानी जेल भेजे जाने की कार्रवाई।
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देवभूमि जन हुंकार, रामनगर / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के रामनगर क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए चर्चित कृषक जानलेवा हमला मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा मोड़ आया है। इस बहुचर्चित मामले में हत्या के प्रयास का षडयंत्र रचने वाले मुख्य आरोपी महेश टम्टा उर्फ महेश चंद्रा ने मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी स्थित उप कारागार भेजने के निर्देश दिए हैं।

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प्राप्त विवरण के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला वर्ष 2019 में गांधी जयंती के दिन रामनगर के छोई स्थित बलवीर गार्डन में घटी घटना से जुड़ा हुआ है। चूनाखान बैलपोखरा निवासी कृषक चंद्रशेखर टम्टा पर अज्ञात हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ गोली चलाकर उनकी हत्या का स्पष्ट प्रयास किया गया था।

पुलिस द्वारा इस हाई-प्रोफाइल मामले की जब गहराई से छानबीन की गई, तो गोली चलाने वाले शूटरों की गिरफ्तारी हुई। शूटरों से पूछताछ के दौरान दिल्ली निवासी महेश टम्टा उर्फ महेश चंद्रा का नाम मुख्य षडयंत्रकारी के रूप में सामने आया, जिस पर शूटरों को हायर करने और इस खूनी खेल की पटकथा लिखने का गंभीर आरोप लगा।

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जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 34 के साथ-साथ गंभीर षडयंत्र की धारा 120बी भी जोड़ दी। गिरफ्तारी से बचने और पुलिस शिकंजे से दूर रहने के लिए आरोपी महेश टम्टा लंबे समय तक फरार रहा।

फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने उसके दिल्ली स्थित आवास पर कुर्की की कार्रवाई की थी तथा उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया था। इस मामले में आरोपी को पूर्व में उच्च न्यायालय (High Court) से अग्रिम जमानत मिली थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था। इसके खिलाफ आरोपी ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया और आरोपी को सीधे ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए मंगलवार को महेश टम्टा ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए आवेदन किया।

अदालत ने पत्रावलियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। न्यायालय के निर्देशानुसार पुलिस सुरक्षा में आरोपी का मेडिकल स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उसे भारी सुरक्षा के बीच हल्द्वानी उप कारागार भेज दिया गया है।


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