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देवभूमि जन हुंकार, गरमपानी / नैनीताल: उत्तराखंड के जोशीमठ आपदा के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि नैनीताल जनपद से एक बेहद डरावनी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जनपद के रामगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे से सटे गंगोरी गांव में खतरनाक भू-धंसाव (Land Subsidence) के कारण स्थानीय लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच गांव की जमीन तेजी से खिसक रही है, जिससे दर्जनों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है।

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प्राप्त विवरण के अनुसार, गंगोरी गांव में हालात दिन-प्रतिदिन भयावह होते जा रहे हैं। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे के करीब 150 मीटर के दायरे में चार फीट चौड़ी खतरनाक दरारें उभर आई हैं, जो किसी बड़े हादसे की आहट दे रही हैं।

गंगोरी गांव में बारिश के साथ ही ग्रामीणों को अपना आशियाना छिनने का डर सताने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है  ग्राम प्रधान के मकान समेत तीन दुकानों और 30 से अधिक आवासीय भवनों पर पूरी तरह जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। मकानों में लगातार चौड़ी होती दरारें चीख-चीखकर कह रही हैं कि यदि समय रहते बचाव के पुख्ता उपाय नहीं किए गए, तो इस पूरे गांव का अस्तित्व ही मिट सकता है।

हालात की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्राम प्रधान को अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ मजबूरन पड़ोसी के घर में शरण लेनी पड़ी है। पेट्रोल पंप के ऊपरी हिस्से की सुरक्षा दीवार भी ढहने के कगार पर पहुंच चुकी है, और हाईवे पर आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है। इतना ही नहीं, क्षेत्र के सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे ग्रामीणों की दहशत और ज्यादा बढ़ गई है।

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प्रशासनिक बेरुखी और जमीनी हकीकत से बेखबर अफसरों के रवैये को लेकर ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया है। बुधवार को हीरा देवी, मंजू देवी, देवकी देवी, राधा, गंगा, कुंदन सिंह राणा, बबली नेगी, उमा बिष्ट समेत दर्जनों ग्रामीणों ने आपात बैठक कर गहरी चिंता जताई और एनएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों ने दो-टूक आरोप लगाया कि तीन वर्ष पूर्व जब हाईवे का चौड़ीकरण किया जा रहा था, तब उन्होंने मजबूत सुरक्षात्मक कार्यों और पानी की निकासी को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन विभाग ने उनकी एक न सुनी और पूरी तरह अनदेखी कर दी। आज उसी लापरवाही का खामियाजा स्थानीय भुगत रहे हैं। पूर्व में जब हाईवे पर हल्का धंसाव हुआ था, तब विभाग ने केवल लीपापोती करते हुए मिट्टी डालकर कमियों को छिपाने का प्रयास किया था।

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गंगोरी गांव में उत्पन्न इस विकराल स्थिति पर नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गंगोरी गांव में जमीन धंसने का मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। एनएच (NH) की टीम को तुरंत मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाया जाएगा, और ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जल्द से जल्द पुख्ता सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे।

वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदारों ने इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान नहीं किया, तो वे एक बड़े उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


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