देवभूमि जन हुंकार, काठगोदाम / नैनीताल / हल्द्वानी: उत्तराखंड के पर्यटन और यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाली काठगोदाम-नैनीताल-कैंची धाम रोपवे परियोजना को अब जमीन पर उतारने की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए। संशोधित प्रस्ताव के अनुसार अब इस रोपवे नेटवर्क से विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम को भी सीधे जोड़ दिया गया है।
2,800 करोड़ की लागत और 14.9 किमी लंबा होगा रूट
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत जैन ने बैठक में विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि करीब 2,800 करोड़ रुपये की लागत से काठगोदाम-नैनीताल रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है:
-
कुल लंबाई व टावर: इस रोपवे की कुल लंबाई 14.9 किलोमीटर होगी और पूरे मार्ग पर 58 टावर स्थापित किए जाएंगे।
-
प्रस्तावित स्टेशन: इस रूट पर काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी में आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे।
-
समय और किराया: इस अत्याधुनिक रोपवे के जरिए रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक का सफर महज 20 से 25 मिनट में पूरा हो जाएगा। इसके लिए एकतरफा किराया 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित किया गया है, जबकि इसकी परिवहन क्षमता करीब 1,800 यात्रियों प्रति घंटे की होगी।
ज्योलीकोट बनेगा जंक्शन, कैंची धाम के लिए मिलेगी कनेक्टिविटी
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि ज्योलीकोट स्टेशन को एक प्रमुख जंक्शन स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी जंक्शन से बाबा नीम करौली की पावन नगरी कैंची धाम के लिए अलग से रोपवे कनेक्टिविटी प्रस्तावित की गई है, जिससे देश-विदेश से कैंची धाम पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग के ट्रैफिक से राहत मिल सकेगी और वे वैकल्पिक एवं सुगम परिवहन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
पार्किंग और फुट ओवरब्रिज से सुगम होगी यात्रा
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान रखते हुए बुनियादी ढांचा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं:
-
फुट ओवरब्रिज: काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक पहुंच आसान बनाने के लिए रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबा फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
-
विशाल पार्किंग: प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने रानीबाग में प्रस्तावित स्टेशन स्थल का निरीक्षण भी किया। यहाँ लगभग 33 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जहाँ रोपवे स्टेशन के साथ-साथ पर्यटकों के वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग विकसित की जाएगी ताकि वे अपने वाहन पार्क कर रोपवे से आगे की यात्रा कर सकें। हनुमानगढ़ी स्टेशन पर भविष्य में ट्रैफिक का दबाव न बढ़े, इसके लिए भी पहले से पुख्ता प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रैफिक जाम से मुक्ति और रोजगार के नए अवसर
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से पर्यटन सीजन और वीकेंड्स के दौरान काठगोदाम-हल्द्वानी से नैनीताल और कैंची धाम जाने वाले हाईवे पर वाहनों का भारी दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। नैनीताल की गंभीर पार्किंग और ट्रैफिक समस्या का यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा। साथ ही हल्द्वानी, काठगोदाम और रानीबाग के होटल, टैक्सी, होम-स्टे, खानपान और पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे।
हल्द्वानी से नैनीताल तक का पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले तकनीकी अध्ययन पूरा किया जाएगा तथा वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया को भी जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, डीएफओ आकाश गंगवार, एडीएम सौरभ असवाल, एसडीएम मोनिका सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें




