देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल / देहरादून: उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, उत्तराखण्ड नैनीताल ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत और महासचिव सौरभ अधिकारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उत्तराखंड शासन को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है, जिसमें प्रदेशभर में प्रैक्टिस कर रहे समस्त वकीलों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैश-लैश चिकित्सा सुविधा (Cashless Medical Facility) उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की गई है।
“25 वर्ष बीतने के बावजूद वकीलों के स्वास्थ्य बीमा का अभाव”
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान इस गंभीर वास्तविकता की ओर आकर्षित किया है कि उत्तराखंड राज्य एवं माननीय उच्च न्यायालय की स्थापना के अभी मात्र 25 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इन ढाई दशकों में माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखंड व संपूर्ण प्रदेश में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी बीमा पॉलिसी सरकार द्वारा नहीं बन पाई है।
इस कारण से वकीलों और उनके आश्रितों को अचानक आने वाली स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सीय सुविधाओं का पूर्ण लाभ और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती है।
अन्य राज्यों की तर्ज पर सुविधा दिए जाने का अनुरोध
पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि देश के अन्य राज्यों द्वारा अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य लाभ हेतु पहले ही 5 लाख रुपये तक की कैश-लैश चिकित्सा सुविधा का आरंभ किया जा चुका है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने माननीय मुख्यमंत्री से प्रार्थना की है कि अन्य राज्यों की भांति ही उत्तराखंड राज्य के समस्त अधिवक्ताओं तथा माननीय उच्च न्यायालय में व्यवसायरत वकीलों के लिए भी इसी प्रकार की कैश-लैश मेडिकल योजना को तत्काल प्रभाव से धरातल पर उतारा जाए, ताकि न्याय के इस क्षेत्र से जुड़े अधिवक्ताओं का स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षित हो सके। बार एसोसिएशन के इस पत्र के सामने आने के बाद से प्रदेशभर के वकीलों में सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद बंध गई है।
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