देवभूमि जन हुंकार, सितारगंज / ऊधमसिंहनगर / हल्द्वानी: उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जनपद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार एवं अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस महकमे ने आर्थिक अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कोतवाली सितारगंज पुलिस ने ‘बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड’ के नाम पर गरीब और आम नागरिकों से RD व FD के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर फरार चल रहे एक शातिर कलेक्शन एजेंट को धर दबोचा है। इस खुलासे से क्षेत्र में सक्रिय फर्जी वित्तीय कंपनियों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, दिनांक 07 जनवरी 2026 को वादिनी श्रीमती रविता राणा निवासी मझरा सिसौना द्वारा कोतवाली सितारगंज में एक लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि राजेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति द्वारा ‘बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड’ के नाम पर क्षेत्र के लोगों को RD और FD आदि खाते खुलवाने का प्रलोभन दिया गया और उनसे नियमित रूप से धनराशि जमा कराई गई। परंतु जब योजना की निर्धारित अवधि पूर्ण हो गई, तो खाताधारकों को उनकी मूल धनराशि और ब्याज वापस नहीं किया गया।
इस शिकायत पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कोतवाली सितारगंज में मु0 FIR नं0 18/2026, धारा 316(5) BNS के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़ितों व गवाहों के बयान दर्ज किए और उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर और 07 मूल किस्त रसीदें अपने कब्जे में लीं।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त राजेंद्र प्रसाद पुत्र सीताराम (निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, जिला पीलीभीत, उत्तर प्रदेश) स्वयं को उक्त फर्जी कंपनी का फील्ड मार्केटिंग और कलेक्शन एजेंट बताता था और सितारगंज क्षेत्र में लोगों को लुभाता था। वह खाताधारकों से प्रतिदिन 50 रुपये, 100 रुपये अथवा 150 रुपये नकद किस्त के रूप में प्राप्त करता था और उनकी पासबुक में प्रविष्टि कर खुद हस्ताक्षर करता था।
अभियुक्त ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह 05 जून 2023 को इस कंपनी में जुड़ा था और उसने सितारगंज क्षेत्र में लगभग 50 से 60 लोगों के खाते खोले थे। उसने खाताधारकों से कुल 15 से 20 लाख रुपये की धनराशि एकत्र की थी, जिसे उसने कंपनी के मुख्य लोगों तक पहुँचाया। जब निवेशकों की अवधि पूरी होने लगी और वे पैसे मांगने लगे, तो आरोपी ने सितारगंज क्षेत्र में अपना कलेक्शन का काम पूरी तरह बंद कर दिया और पिछले करीब 6 महीने से पुलिस की गिरफ्त से बचकर फरार चल रहा था।
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दिनांक 02 अक्टूबर 2026 को विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही अपनी पुलिस टीम के साथ चौकी सिडकुल क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर खास से सटीक सूचना मिली कि उक्त मुकदमे में लंबे समय से वांछित चल रहा अभियुक्त राजेंद्र प्रसाद सितारगंज मंडी के पास मौजूद है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और शाम के वक्त अभियुक्त को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ और अब तक की गई विवेचना में कंपनी के अन्य उच्चाधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। पुलिस के मुताबिक इस फर्जीवाड़े में:
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अजय गंगवार — चेयरमैन, बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड
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राजकुमार गंगवार — मैनेजिंग डायरेक्टर (MD)
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गीता देवी — डायरेक्टर
इन तीनों की भूमिका मुख्य रूप से प्रकाश में आई है। पुलिस ने इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2)/3(5) BNS की बढ़ोतरी कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकाश में आए अन्य अभियुक्तों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है और संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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