देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों में अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली, जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और बेबाक फैसलों के लिए जाने जाने वाले कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित विशाल जनसुनवाई के दौरान कमिश्नर दीपक रावत ने भूमि विवादों, फर्जीवाड़े और सड़क निर्माण से जुड़ी लापरवाहियों पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया।
भूमि खरीदने के बाद तुरंत चाहरदीवारी और निर्माण कराने की सलाह
जनसुनवाई के दौरान कमिश्नर दीपक रावत के समक्ष अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद और अवैध कब्जे से संबंधित प्राप्त हुईं। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने आमजन से एक महत्वपूर्ण अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि लोग भूमि क्रय करने के पश्चात उस पर वर्षों तक कोई चाहरदीवारी या भवन निर्माण नहीं कराते हैं, जिसके कारण बाद में भूमि उस रकबे में न मिलने या अन्य कब्जे जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने सलाह दी कि भूमि क्रय करने के तुरंत बाद उसकी चहारदीवारी के साथ ही भवन का निर्माण शीघ्र करा लिया जाए, जिससे भविष्य में होने वाली अनावश्यक परेशानियों और भू-माफियाओं के षड्यंत्रों से बचा जा सके।
फतेहपुर चारधाम मंदिर क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी; विक्रेता को 3 दिन के भीतर प्लॉट वापस देने का अल्टीमेटम
जनसुनवाई में ममता मेहरा (निवासी हल्द्वानी) ने एक सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने फतेहपुर चारधाम मंदिर क्षेत्र में वर्ष 2015 में लगभग 2000 वर्ग फुट का एक प्लॉट खरीदा था और वहाँ चाहरदीवारी भी बनाई थी। लेकिन जब वे वर्ष 2024 में उस भूमि पर भवन निर्माण हेतु पहुँचीं, तो उन्हें पता चला कि वह प्लॉट किसी और का है।
जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि विक्रेता द्वारा उस प्लॉट में अवैध प्लॉटिंग कर सभी प्लॉट अन्य लोगों को बेच दिए गए हैं, यहाँ तक कि भू-स्वामी द्वारा प्लॉट के साथ-साथ कॉलोनी की सड़क तक को बेच दिया गया है, और मौके पर कोई भूमि बची ही नहीं है।
इस गंभीर धोखाधड़ी का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर दीपक रावत ने क्रेता और विक्रेता अनिकेत भट्ट को तत्काल कार्यालय में तलब किया। कमिश्नर ने आपसी समझौते के आधार पर तीन दिनों के भीतर ममता मेहरा को प्लॉट वापस दिलाने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जाँच में धोखाधड़ी पूरी तरह सही पाई जाती है, तो संबंधित भू-स्वामी के खिलाफ ‘लैंड फ्रॉड एक्ट’ (Land Fraud Act) के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
गौलापार के विजयपुर में वन विभाग की आपत्तियों के कारण रुका सड़क निर्माण हुआ क्लीयर
जनसुनवाई में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट एवं ग्राम विजयपुर, गौलापार के निवासियों ने गुहार लगाई कि उनके गाँव में सूखी नदी पर शासन द्वारा कॉजवे के साथ ही 2 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद लोनिवि द्वारा कार्य शुरू किया गया था, लेकिन वन विभाग की आपत्तियों के कारण सड़क का कार्य ठप पड़ा है।
इस पर कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को तलब कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। लोनिवि द्वारा बताया गया कि वन विभाग को दी जाने वाली धनराशि समय पर न मिलने से अड़चन आ रही है। इस पर कमिश्नर दीपक रावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धनराशि हेतु शासन स्तर पर तुरंत पत्र प्रेषित किया जाए, और विजयपुर गाँव के सड़क मार्ग का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि वन विभाग की ओर से अब कोई आपत्ति नहीं आने दी जाएगी।
सड़कों के गड्ढा मुक्ति अभियान की होगी ‘ग्राउंड जीरो’ जाँच, गुणवत्ता में कमी पर होगी सीधी कार्रवाई
सड़कों की दशा और गड्ढा मुक्ति कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। मुख्य अभियंता लोनिवि अल्मोड़ा एवं नैनीताल द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि हल्द्वानी और अल्मोड़ा क्षेत्र की लोनिवि सड़कें लगभग 90 प्रतिशत गड्ढा मुक्त हो चुकी हैं, जबकि पीएमजीएसवाई द्वारा 53%, काशीपुर नगर निगम द्वारा 100%, एनएच द्वारा 90% और यूयूएसडी द्वारा 82% कार्य पूर्ण कर लिया गया है, तथा हल्द्वानी-नैनीताल व काशीपुर-रामेश्वर मार्ग पर कार्य प्रगति पर है।
इस पर कमिश्नर दीपक रावत ने सभी संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDM) को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर (Ground Zero पर) गड्ढा मुक्त सड़कों का भौतिक निरीक्षण करें और रिपोर्ट सौंपें कि वास्तव में धरातल पर काम हुआ है अथवा नहीं। उन्होंने दो-टूक कहा कि यदि सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं पाई गईं या कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी मिली, तो इसके लिए सीधे संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जनसुनवाई के दौरान रोहित पांडे द्वारा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम संशोधन, जगदंबा कॉलोनी वासियों द्वारा बिजली ट्रांसफार्मर लगाने, तथा राजेंद्र प्रसाद लखचौरा द्वारा बस का स्थायी परमिट जारी करने का अनुरोध किया गया, जिस पर कमिश्नर ने आरटीओ हल्द्वानी को जाँच कर नियमानुसार परमिट देने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में आए अधिकांश मामलों का मौके पर ही सफल समाधान कर दिया गया।
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