देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही राजनीतिक दलों के भीतर अंदरखाने सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन में चुनावी तैयारियों, बैठकों और फीडबैक लेने का दौर शुरू होते ही तराई-भाबर की सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी मानी जाने वाली हल्द्वानी विधानसभा सीट पर टिकट के दावेदारों की एक लंबी और चौंकाने वाली फेहरिस्त सामने आ गई है। हल्द्वानी सीट पर पार्टी के भीतर से ही एक दर्जन के करीब नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और कांटे का बना दिया है।
प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने कुमाऊं कार्यालय में की रायशुमारी, टटोली नेताओं की नब्ज
हल्द्वानी सीट पर टिकट के बढ़ते दावेदारों के बीच सांगठनिक तालमेल बिठाने और जमीनी हकीकत जानने के लिए पार्टी संगठन ने उच्चस्तरीय कदम उठाया है। मंगलवार को भाजपा के कुमाऊं संभाग कार्यालय में पार्टी कोर कमेटी के सदस्य एवं नैनीताल जिले के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने विशेष रूप से बैठक की और वहाँ उपस्थित संभावित प्रत्याशियों तथा पार्टी पदाधिकारियों से विस्तृत रायशुमारी की।
इस दौरान टिकट के इच्छुक एक से बढ़कर एक दिग्गज नेताओं ने अपनी राजनीतिक सक्रियता, पार्टी संगठन में लंबे योगदान, अपने जनाधार और चुनाव जीतने की अकाट्य क्षमता का हवाला देते हुए अपना-अपना पक्ष पूरी मजबूती के साथ प्रभारी मंत्री के सामने रखा।
डॉ. जोगेंद्र रौतेला, अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी और हुकम सिंह कुंवर सहित कई दिग्गजों ने बढ़ाई पार्टी की धड़कनें
सामने आई सूची के अनुसार हल्द्वानी सीट से टिकट मांगने वालों में सरकार से लेकर संगठन और स्थानीय निकायों तक के कई भारी-भरकम नाम शामिल हैं। दावेदारी पेश करने वालों में पूर्व महापौर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी भुवन जोशी, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी प्रदीप जनौटी, प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक कौस्तुभानंद जोशी, वरिष्ठ नेता अनिल कपूर (डब्बू), पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी रेनू अधिकारी, शंकर कोरंगा, कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर निश्चल पांडे, मोहन पाठक, पूर्व मंडल अध्यक्ष विजय मनराल, हुकम सिंह कुंवर,कमलेश कैडा, विजय लक्ष्मी चौहान और शांति भट्ट के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। इतने सारे भारी-भरकम चेहरों के मैदान में उतरने से सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
संगठन के सामने बढ़ी चयन की चुनौती, अब केंद्रीय नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी निगाहें
हल्द्वानी विधानसभा सीट पारंपरिक रूप से भाजपा के लिए बेहद सामरिक और महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में एक ही विधानसभा सीट पर एक दर्जन से अधिक नेताओं का ताल ठोकना यह साबित करता है कि पार्टी के भीतर टिकट पाने की होड़ कितनी भीषण हो चुकी है। इतने सारे मजबूत दावेदारों के सामने आ जाने से अब भाजपा संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के लिए सही और जिताऊ प्रत्याशी का चयन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं कि हाईकमान किसके राजनीतिक अनुभव और चुनावी समीकरणों को प्राथमिकता देता है।
देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें


