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हल्द्वानी नैनीताल पॉक्सो में मुल्जिम दोषमुक्त, अधिवक्ता द्वारा की गई थी निशुल्क पैरवी

हल्द्वानी पोक्सो  न्यायालय ने अभियुक्त के खिलाफ पुख्ता साबुत नहीं मिलने पर मुल्जिम को बाइज्जत बरी कर दिया गया

मुल्जिम के अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि वादी मुकदमा द्वारा एक तहरीर थाना रामनगर में दिनांक 1.5 .2021 को इस आशय से दी थी कि उसकी पुत्री पीड़िता… उम्र 18 वर्ष की चिल्किया रामनगर शादी समारोह में गई थी वहां से लौटकर नहीं आई काफी खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चला उसे शक था की उसकी पुत्री को प्रदीप नाम का जो की शेरपुर ठाकुरद्वारा मुरादाबाद का रहने वाला है उसकी पुत्री को बहला फुसला कर अपने साथ ले गया है.. इसके उपरांत पुलिस द्वारा धारा 363,366 ,376(2)(ढ ) भारतीय दंड संहिता एवं धाराधारा 5(ठ)/ 6 पोक्सो अधिनियम के तहत आरोप पत्र प्रदीप के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत किया.. उक्त मामले में मुल्जिम प्रदीप की ओर से रविंद्र सिंह बिष्ट “राजीव” द्वारा दमदार पैरवी करते हुवे न्यायालय मुलजिम का पक्ष मे रखा गया और कहा गया वादी द्वारा एफ.आई.आर. अपनी पुत्री की आयु 18 वर्ष दिखाई गई है और पुलिस द्वारा 18 वर्ष से नीचे लगने वाली पॉक्सो की धारा लगाई गई तथा उक्त मामले में पीड़िता का मेडिकल भी नहीं हूवा फिर भी पुलिस द्वारा पर धारा 376 बलात्कार की धारा ये यह कहते हुए लगा दी की पीड़िता घटना के दिन 17 साल 11 महीने और 25 दिन की थी इसलिए पॉक्सो का अपराध बनता है लगा दी गई जबकि पीड़िता का मेडिकल भी नही हूवा था फिर भी बिना मेडिकल के बलात्कार गंभीर आरोप की धारा मुलजिम के विरुद्ध लगाई गई है ठीक है अभियोजन द्वारा उक्त मामले में आठ गाव न्यायालय में प्रस्तुत किए गए किंतु अभियोजन अभियुक्त के विरुद्ध अपराध साबित करने में असफल रहा. जिस कारण अभियुक्त को न्यायालय द्वारा दोष मुक्त कर दिया गया.. के मामले में मुलजिम प्रदीप की ओर से पैरवी रविंद्र सिंह बिष्ट राजीव निवासी हल्दुचौड द्वारा की गई


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