चमोली के नारायणबगड़ में अतिवृष्टि के बाद सड़कों और दुकानों से मलबा
Spread the love

🚨 चमोली में पहली ही बारिश ने मचाया महा-तांडव: नारायणबगड़ में फटा बादल जैसा मंजर 👇

दुकानों और सड़कों में घुसा टनों मलबा, मची तबाही!

नारायणबगड़ (चमोली):उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मानसून की दस्तक के साथ ही कुदरत का कहर बरसना शुरू हो गया है। सीमांत जनपद चमोली के विकासखंड नारायणबगड़ क्षेत्र में देर रात हुई भीषण अतिवृष्टि (बादल फटने जैसी स्थिति) ने पहली ही बारिश में भारी तबाही मचा दी है। पहाड़ियों से आए तेज बहाव के साथ टनों मलबा और बोल्डर सीधे नारायणबगड़ बाजार की सड़कों और मुख्य रिहायशी इलाकों में घुस गए।

मलबे की रफ्तार इतनी भयानक थी कि कई स्थानीय व्यापारियों की दुकानों के भीतर गाद, कीचड़ और पत्थर भर गए, जबकि सड़क किनारे खड़े कई वाहन भी इस मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। आधी रात को आई इस आसमानी आफत के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और दहशत के मारे लोग रात भर सो नहीं सके।

विधिक आपदा प्रबंधन के तहत घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन (DDMA) और लोक निर्माण विभाग की टीमें भारी साजो-सामान के साथ तड़के ही मौके पर पहुंच गईं। प्रभावित क्षेत्र में सड़कों पर जमा हुए मलबे और पत्थरों को हटाने के लिए जिला प्रशासन की सीधी निगरानी में कई जेसीबी (JCB) मशीनों को युद्धस्तर पर काम में लगाया गया है, ताकि अवरुद्ध पड़े लाइफलाइन मार्गों को खोलकर यातायात को जल्द से जल्द सुचारू और सामान्य किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉 अल्मोड़ा में खौफनाक वारदात: पहली बार मायके आए दामाद ने ससुर पर पाटल से किए 12 वार, तड़प कर मौत

इसके साथ ही, राजस्व विभाग की टीमों को मौके पर भेजकर मलबे से प्रभावित हुई दुकानों, क्षतिग्रस्त वाहनों और अन्य संपत्तियों के विधिक नुकसान का सटीक आकलन (Assessment) करने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून के शुरुआती दौर में ही आई इस भयानक आफत ने चमोली के सीमांत निवासियों और काश्तकारों की विधिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्रवासियों और तीर्थयात्रियों से पुरजोर अपील की है कि वे खराब मौसम और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही और यात्रा करने से पूरी तरह बचें।

यह भी पढ़ें 👉 पिथौरागढ़ में इंस्टाग्राम का ‘इश्क’: 3 बच्चों की मां पति को छोड़ प्रेमी संग हरियाणा फरार, पुलिस से बोली- नहीं जाऊंगी वापस

संवेदनशील और भूस्खलन की विधिक जद में आने वाले क्षेत्रों पर आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार २४ घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।


Spread the love

You missed