हल्द्वानी के मुखानी में नीट छात्रा अंजलि जाटव की संदिग्ध मौत
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🚨 हल्द्वानी: बंद कमरे के भीतर मिली NEET छात्रा की लाश; डायरी की इस रहस्यमयी लाइन को देखकर पुलिस भी हैरान

हल्द्वानी:कुमाऊं के सबसे बड़े शिक्षा हब हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी करने आई मध्य प्रदेश की एक १९ वर्षीय मेधावी छात्रा का शव एक निजी पीजी (PG) के बंद कमरे में फंदे से लटका मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने खिड़की की जाली काटकर भीतर प्रवेश किया और छात्रा को तुरंत अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान अंजलि जाटव (१९ वर्ष), पुत्री सुवीर जाटव, निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट तो नहीं मिला है, लेकिन कमरे से बरामद एक डायरी में लिखी बेहद रहस्यमयी लाइन ने इस पूरी घटना को एक पेचीदा मोड़ दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, होनहार अंजलि डॉक्टर बनने का बड़ा सपना लेकर हाल ही में मध्य प्रदेश से हल्द्वानी आई थी और मुखानी क्षेत्र के एक निजी पीजी में रहकर मेडिकल कोचिंग की तैयारी कर रही थी। अंजलि की नियमित कक्षाएं जून के अंतिम सप्ताह से विधिवत शुरू होनी थीं, और फिलहाल वह संस्थान में डेमो क्लास ले रही थी। घटनाक्रम के मुताबिक, मंगलवार देर रात से ही अंजलि का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था।

परिजनों और परिचितों द्वारा कई बार संपर्क साधने की नाकाम कोशिशों के बाद अनहोनी की आशंका को देखते हुए मामले की सूचना तत्काल मुखानी पुलिस को दी गई।

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सूचना मिलते ही मुखानी पुलिस की टीम जब संबंधित पीजी पहुंची, तो अंजलि के कमरे का दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए खिड़की की लोहे की जाली को काटा और कमरे के भीतर दाखिल हुई। अंदर का मंजर बेहद खौफनाक था; अंजलि का शव फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने तुरंत उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

इस संदिग्ध मौत मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस को तलाशी के दौरान अंजलि की एक डायरी हाथ लगी। डायरी के पन्ने पर हाथ से लिखी एक बेहद चौंकाने वाली पंक्ति मिली:

“एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी।”

इस एक रहस्यमयी लाइन के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। मुखानी पुलिस अब इस पूरे मामले को महज खुदकुशी न मानकर प्रेम प्रसंग, व्यक्तिगत रंजिश, मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर विधिक व आपराधिक कोणों से जोड़कर देख रही है। पुलिस ने मृतका का स्मार्टफोन, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और सोशल मीडिया एक्टिविटी को अपने कब्जे में लेकर साइबर सेल को सौंप दिया है।

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अंजलि के पिता सुवीर जाटव ने रुंधे गले से बताया कि पूरे परिवार ने अपनी इस मेधावी लाडली को आंखों में डॉक्टर बनाने का सपना संजोकर पहाड़ भेजा था, लेकिन इस खौफनाक अंत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है; फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के विधिक विश्लेषण के बाद ही इस रहस्यमयी मौत के पीछे का असली सच सामने आ सकेगा।


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