बागेश्वर के सरस्वती शिशु मंदिर में विश्व युवा कौशल दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोक चन्द्र जोशीबागेश्वर के सरस्वती शिशु मंदिर में विश्व युवा कौशल दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोक चन्द्र जोशी
Spread the love

बागेश्वर: विश्व युवा कौशल दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, युवाओं को दिए आत्मनिर्भर बनने और नए कानूनों के विधिक मंत्र! 👇

बागेश्वर: माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा उपलब्ध कराए गए जुलाई 2026 के प्लान ऑफ एक्शन (Plan of Action) के अनुपालन में जनपद बागेश्वर में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 15 जुलाई 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर के परिसर में “विश्व युवा कौशल दिवस” के विशेष अवसर पर इस शिविर को धरातल पर उतारा गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागेश्वर के तत्वावधान में आयोजित इस विधिक शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कौशल विकास के महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ देश के नए कानूनों और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

किताबी ज्ञान नहीं, अब कौशल (स्किल) का है युग: रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोक चन्द्र जोशी

शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागेश्वर के रिटेनर अधिवक्ता श्री त्रिलोक चन्द्र जोशी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कौशल विकास के विधिक व सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज का आधुनिक युग केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से कौशल (स्किल) का युग है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने वर्ष 2014 में इस दिवस की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के युवाओं को रोजगार, काम और उद्यमिता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।”

अधिवक्ता जोशी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि हम अपनी व्यक्तिगत रुचि को पहचानें। हमें सिर्फ एक नौकरी पाने वाले (Job Seeker) के बजाय अपनी स्किल को इतना मजबूत और परिपक्व बनाना चाहिए कि हम नौकरी देने वाले (Job Provider) बन सकें। उन्होंने युवाओं से अपनी कमियों को पीछे छोड़कर भीतर के हुनर को पहचानने की अपील की और कहा कि जब देश का युवा कुशल होगा, तभी हमारा भारत सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।

नए कानूनों (BNS, BNSS) और नालसा योजनाओं की दी गई विस्तृत विधिक जानकारी

शिविर के दौरान रिटेनर अधिवक्ता द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को देश में लागू हुए नए विधिक कानूनों सहित नालसा (NALSA) की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में अत्यंत व्यावहारिक और विधिक जानकारी प्रदान की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • नए विधिक कानून: देश की नई न्याय प्रणाली के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के मुख्य विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई।

  • नालसा योजनाएं: ‘नालसा मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सेवाएं योजना, 2024’ (NALSA Scheme, 2024) तथा ‘नालसा वीर परिवार सहायता योजना’ पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

  • नशा मुक्ति अभियान: नालसा (DAWN) योजना के तहत नशे से समाज और स्वास्थ्य पर होने वाले भयानक दुष्परिणामों के प्रति छात्र-छात्राओं को सचेत किया गया।

  • सुलभ न्याय और हेल्पलाइन: आम जनता के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के विधिक अधिकारों की जानकारी देते हुए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया गया। इसके साथ ही बाल विवाह अधिनियम और विशेष लोक अदालत (138 एनआई एक्ट) के महत्व को समझाया गया।

इस विधिक जागरूकता शिविर में अधिवक्ता श्री प्रशांत कुमार पाण्डे, विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त अध्यापकगण एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अनीता कुमारी द्वारा इस विधिक सूचना को जनहित और न्यायहित में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जारी किया गया है।


Spread the love

You missed