रुड़की में विशाल चौहान को गोली मारने की घटना के बाद गंगनहर कोतवाली में महाधरना। समर्थकों ने एंबुलेंस थाने में खड़ी कर 36 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की.

देवभूमि जन हुंकार, रुड़की / हरिद्वार / देहरादून: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के अंतर्गत रुड़की से इस वक्त एक बहुत बड़ी, सनसनीखेज और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर अपनी कट्टर सनातनी पोस्ट, बयानों और हालिया लव जिहाद पर की गई टिप्पणियों के कारण अक्सर चर्चाओं और विवादों में रहने वाले विशाल चौहान को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। इस जानलेवा हमले के बाद शहर का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है, और न्याय की मांग को लेकर समर्थकों ने गंगनहर कोतवाली में जबरदस्त हंगामा खड़ा कर दिया।
बयानों और वायरल ऑडियो को लेकर चर्चाओं में थे विशाल चौहान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशाल चौहान इंटरनेट मीडिया पर लगातार कट्टर सनातनी विचारधारा से जुड़ी पोस्ट और वीडियो साझा करने के कारण चर्चा में रहते थे। दो माह पूर्व भीम आर्मी के एक पदाधिकारी के साथ उनकी बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुआ था।
इसके अलावा, ठीक पिछले सप्ताह ही उन्होंने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर एक कड़ी टिप्पणी की थी, जिसके बाद से वे कुछ लोगों के विशेष निशाने पर आ गए थे। पुलिस अब इन तमाम पहलुओं और पुरानी रंजिश के एंगल से भी पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
हमलावरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गंगनहर कोतवाली में महाधरना
विशाल चौहान को गोली मारे जाने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों और उनके समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा हमलावरों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई न किए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं ने गंग नहर कोतवाली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
समर्थकों ने सीधे तौर पर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का गंभीर आरोप लगाया।
एंबुलेंस लेकर थाने के भीतर पहुंचे समर्थक
तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब घायल विशाल चौहान को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से किसी दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। लेकिन समर्थक उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय एम्बुलेंस समेत सीधे गंग नहर कोतवाली के परिसर में पहुंच गए और वहीं विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जिस एम्बुलेंस से घायल को लाया गया था, उसे थाने के भीतर ही खड़ा कर दिया गया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी तेज कर दी गई।
36 घंटे का अल्टीमेटम और धरना समाप्त
कोतवाली परिसर में बढ़ता तनाव और हंगामे को देखते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
पुलिस ने हिंदू संगठनों के नेताओं और समर्थकों को कड़ा आश्वासन दिया कि 36 घंटे के भीतर सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के इस आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और तय समयसीमा के भरोसे पर कार्यकर्ता गंगनहर कोतवाली से वापस लौटे। फिलहाल रुड़की क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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