Uttarakhand Cyber Crime Concept Representing Fake Trading App Fraud In Dehradun
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से साइबर ठगी का एक अत्यंत शातिर और बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने शेयर बाजार (Share Market) में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक दंपती को 25 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। आरोपियों ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से फर्जी मोबाइल एप्स के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दून साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, सुमन विहार, नेहरू कॉलोनी निवासी मौलश्री उनियाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह में उनके पति कमल उनियाल को व्हाट्सएप पर एक अनजान संदेश प्राप्त हुआ था।

संदेश भेजने वाली एक महिला ने अपना नाम शिखा शर्मा बताया और खुद को ‘सस्कुहन्ना इन्वेस्टमेंट क्लब’ का असिस्टेंट करार दिया। महिला ने शेयर बाजार में निवेश करने पर भारी-भरकम मुनाफे का लालच दिया। दंपती का भरोसा पूरी तरह जीतने के लिए उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जिसमें पहले से जुड़े अन्य फर्जी सदस्य लगातार अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे।

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ठगों ने अपने जाल में फंसाने के बाद गूगल प्ले स्टोर से ‘निफ्टी पीडब्ल्यूएम’ (Nifty PWM) और एप्पल स्टोर से ‘ग्रोएपीडब्ल्यूएन’ (Groepwwn) नाम की फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवा दी।

  • विश्वास जीतने की चाल: शुरुआत में ठगों ने दंपती को एप के जरिए 10 हजार रुपये अपने खाते में निकालने की अनुमति दी। रकम आसानी से मिलने के बाद दंपती का विश्वास उन पर पूरी तरह बैठ गया।

  • बड़ी रकम ऐंठना: विश्वास जीतने के बाद ठगों ने 26 अगस्त से 8 सितंबर के बीच विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 25 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

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दंपती को और अधिक उलझाने के लिए साइबर ठगों ने रकम निकालने की प्रक्रिया के दौरान केवाईसी (KYC) के नाम पर उनका [Aadhaar Redacted], पैन कार्ड और डिजिटल हस्ताक्षर भी एप पर ऑनलाइन अपलोड करवा लिए। जब दंपती ने अपनी रकम वापस निकालनी चाही, तो आरोपी और अधिक रकम जमा करने का लगातार दबाव बनाने लगे। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

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मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र नबियाल ने बताया कि पीड़ित दंपती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस तकनीकी टीम उन सभी बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की लोकेशन और आईपी एड्रेस की जांच की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या गैर-प्रमाणित ट्रेडिंग एप के झासे में न आएं।


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