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30 जनवरी से नंदा देवी प्रांगण से शुरू होगा “नशा नहीं, रोजगार दो” जन अभियान

उत्तराखंड में एक बार फिर से “नशा नहीं, रोजगार दो” आंदोलन के तहत जन अभियान की शुरुआत होने जा रही है। यह अभियान 30 जनवरी को महात्मा गांधी की शहादत दिवस के अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक नंदा देवी प्रांगण से प्रातः 11:30 बजे आरंभ होगा।

आंदोलन के संयोजक और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के नेता पीसी तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या और बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं, छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने के लिए इस पहल की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, सामाजिक-राजनीतिक संगठनों और सरकारी व गैर-सरकारी कर्मियों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है।

कार्यक्रम के दौरान निर्मल दर्शन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र की ओर से नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया जाएगा। यह नाटक उन युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन्होंने नशे की चंगुल से निकलकर एक नई शुरुआत की है। ये प्रस्तुतियां नशे की गंभीरता और उससे उबरने की प्रेरणा को दर्शाएंगी।

गौरतलब है कि “नशा नहीं, रोजगार दो” आंदोलन की शुरुआत 1984 में चौखुटिया के एक छोटे से गांव बसभीड़ा से हुई थी। इस ऐतिहासिक आंदोलन ने 41 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर प्रदेश के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने मिलकर पूरे राज्य में इस जन अभियान को व्यापक रूप से शुरू करने का निर्णय लिया है।

अभियान की शुरुआत 30 जनवरी को नंदा देवी प्रांगण से होगी, जिसके बाद 2 फरवरी को चौखुटिया के बसभीड़ा गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आंदोलन प्रदेश में नशा मुक्त समाज और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

*हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनें और उत्तराखंड को नशा मुक्त और रोजगार युक्त राज्य बनाने में अपना योगदान दें।*


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