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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और नेपाल के फार वेस्टर्न विश्वविद्यालय के बीच ऐतिहासिक MoU

हल्द्वानी, 19 मार्च 2026। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU), हल्द्वानी ने नेपाल के फार वेस्टर्न विश्वविद्यालय (Far Western University) के साथ अकादमिक एवं शोध सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान, अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देगा।

समझौते के तहत दोनों संस्थान अकादमिक गतिविधियों के आदान-प्रदान, संयुक्त शोध एवं नवाचार, और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देंगे। साथ ही, हिमालयी क्षेत्र से जुड़े विश्वविद्यालय होने के नाते दोनों संस्थान हिमालयी विरासत के संरक्षण, विकास और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि यह समझौता केवल दो विश्वविद्यालयों के बीच नहीं, बल्कि भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि दोनों संस्थान मिलकर नेपाली भाषा सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन और हिमालयी क्षेत्र के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन को बढ़ावा देंगे।

नेपाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के चेयरमैन प्रो. देशराज अधिकारी ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे द्विपक्षीय शैक्षिक सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं, फार वेस्टर्न विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमराज पंत ने कहा कि यह समझौता संभावनाओं से भरा है और दोनों संस्थान मिलकर निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डेय ने इसे अकादमिक और शोध गतिविधियों को नई गति देने वाला मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. शशांक शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संचालन डॉ. अनिल कार्की ने किया। अंत में कुलसचिव खैमराज भट्ट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में नेपाल यूजीसी के चेयरमैन प्रो. देशराज अधिकारी, फार वेस्टर्न विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमराज पंत, नेपाल खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. गोविंद सिंह विष्टा सहित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डेय, कुलसचिव खैमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार और अन्य वरिष्ठ प्राध्यापक व संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

यह समझौता भारत-नेपाल के बीच शैक्षिक सहयोग को नई मजबूती देने के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और ज्ञान-विनिमय के नए आयाम स्थापित करेगा।

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