रुद्रप्रयाग के चोपता तुंगनाथ मार्ग पर आकाशीय बिजली गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती डीडीआरएफ और पुलिस टीम
Spread the love

तुंगनाथ-चोपता में आसमानी बिजली का कहर: लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत, 50 से अधिक पर्यटक रेस्क्यू

रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता ट्रेकिंग क्षेत्र में शुक्रवार शाम प्रकृति का बेहद रौद्र रूप देखने को मिला। अचानक आई तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली (आकाशीय बिजली) के तांडव ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आए दो सगे भाइयों की जिंदगी छीन ली।

इस प्राकृतिक आपदा में बिजली की चपेट में आने से तीन अन्य पर्यटक भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, अचानक बिगड़े इस भयावह मौसम के बीच ऊंचाई वाले पहाड़ी रास्तों पर फंसे 50 से अधिक अन्य पर्यटकों के लिए जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने देवदूत बनकर एक बड़ा खोज और बचाव अभियान चलाया और सभी को सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाया।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 4:17 बजे तुंगनाथ-चोपता के चोटियों वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज आंधी के साथ आई आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आने से लखनऊ निवासी 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

यह भी पढ़ें 👉धर्मांतरण सिंडिकेट : लालच और डर दिखाकर धर्म परिवर्तन कराने वाले पास्टर सहित 4 गिरफ्तार

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर डीडीआरएफ (DDRF), स्थानीय पुलिस और 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की टीमें तत्काल मौके पर रवाना की गईं। रेस्क्यू टीमों ने अभिनव के गंभीर रूप से घायल बड़े भाई 22 वर्षीय अभिषेक वाजपेयी को तुरंत अस्पताल पहुँचाया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण उन्होंने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के उन्नाव निवासी शुभम शुक्ला (25), आजन मिश्रा और नीव मिश्रा भी जख्मी हुए हैं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में भर्ती कराया गया है।

यह भी पढ़ें 👉 जसपुर: 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और मारपीट का आरोपी गिरफ्तार; ‘सफेद दाढ़ी’ वाले कक्का सिंह को पुलिस ने दबोचा

ऊखीमठ के थाना प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि विपरीत मौसम के बावजूद राहत एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए फंसे हुए 50 से अधिक यात्रियों का सफल रेस्क्यू किया है। इस दुखद घटना के बाद पूरी घाटी और पर्यटकों के बीच शोक की लहर है। प्रशासन ने वर्तमान हालात को देखते हुए सभी तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों से सख्त अपील की है कि मौसम खराब होने या अलर्ट जारी होने की स्थिति में ऊंचाई वाले संवेदनशील ट्रेकिंग मार्गों पर जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।


Spread the love