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Uttarakhand Political Concept Representing Cabinet Minister Rekha Arya FIR and Police Action in Dehradun
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून / हल्द्वानी: देवभूमि उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी, सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड सरकार की प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप लगाते हुए पुलिस में औपचारिक मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री द्वारा अपने ही पति के खिलाफ घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिगत प्रताड़ना और जान से मारने की साजिश रचने जैसे संगीन आरोप लगाए जाने के बाद राज्य की पूरी प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया है।

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कैंट थाने में दर्ज हुई FIR, एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं शामिल

पुलिस रिकॉर्ड और आधिकारिक विवरण के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर देहरादून के कैंट थाने में 15 अक्टूबर 2026 को एफआईआर (FIR No. 0158) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में अत्यंत कठोर धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कसा है।

दर्ज मुकदमे में भारतीय दंड संहिता (IPC/BNS) की धाराएं 120-B (आपराधिक षड्यंत्र), 323 (मारपीट), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों की जालसाजी व कूटसाक्ष्य), 495 (पूर्व विवाह छिपाकर दोबारा विवाह करना), 498-A (पति द्वारा क्रूरता), 504 (शांति भंग के इरादे से अपमान) और 506 (जान से मारने की धमकी) शामिल हैं। इसके साथ ही मामले में एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) की धाराएं 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) भी जोड़ी गई हैं।

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मंत्री रेखा आर्य द्वारा लगाए गए प्रमुख और गंभीर आरोप

  1. वैवाहिक स्थिति छिपाना: मंत्री रेखा आर्य ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के समय साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों की बात पूरी तरह छिपाई थी। बाद में जब उन्हें इसकी सच्चाई पता चली, तो पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने कुछ समय तक चुप रहना उचित समझा।

  2. दूसरी महिलाओं से संबंध और मारपीट: शिकायत के मुताबिक, पिछले कुछ समय से पति का व्यवहार बदलने लगा और उनके अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध सामने आए। जब रेखा आर्य ने इसका विरोध किया, तो पहले मौखिक व लिखित माफी मांगने के बावजूद उनके साथ लगातार मारपीट, गाली-गलौज और उत्पीड़न किया गया।

  3. सरकारी आवास पर जातिसूचक अपमान: मंत्री ने आरोप लगाया है कि उनके सरकारी आवास पर आकर उनके पति द्वारा स्टाफ के सामने उनके लिए बेहद अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुँची।

  4. जालसाजी और फर्जी हस्ताक्षर: आरोप है कि पति ने कथित तौर पर दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर (कूटरचना) कर उन्हें कंपनियों के निदेशक (Director) पद से हटाने की अवैध कार्रवाई की, जबकि उन्होंने कभी ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

  5. जान से मारने की साजिश का ऑडियो: इस पूरे प्रकरण में सबसे खतरनाक पहलू एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का सामने आना है। मंत्री का आरोप है कि इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक अन्य महिला से बातचीत के दौरान उन्हें (रेखा आर्य को) जान से मारने की साजिश रचते हुए साफ सुनाई दे रहे हैं।

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सुरक्षा की गुहार और स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान को गंभीर खतरा बताते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पुलिस से तत्काल कड़ी कार्रवाई करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बीच मानसिक तनाव और आघात के चलते मंत्री रेखा आर्य की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

इस पूरे मामले पर एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल ने पुष्टि की है कि मंत्री की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा ऑडियो की प्रामाणिकता की गहनता से जाँच कर रही है।

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By admin