देवभूमि जन हुंकार, धारचूला / पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जनपद पिथौरागढ़ के अंतर्गत धारचूला तहसील से एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। भारत और नेपाल सीमा क्षेत्र में शुक्रवार रात्रि हुई मूसलाधार बारिश के चलते कूलागाड़ (Kulagad) एक बार फिर भयंकर उफान पर आ गया। पानी के तेज बहाव और भारी मलबे-बोल्डरों की चपेट में आने से टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर चीन सीमा को जोड़ने वाला नवनिर्मित बेली ब्रिज पूरी तरह बह गया है।
महज कुछ दिन पहले ही बीआरओ ने तैयार किया था नया पुल
प्राप्त विवरण के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे के बाद से इलाके में भारी वर्षा का दौर शुरू हुआ था। कूलागाड़ में आए भारी मलबे और बोल्डर गिरने से टनकपुर-तवाघाट हाईवे स्थित पहला कूलागाड़ का नया बेली ब्रिज धराशायी हो गया। स्थिति इतनी भीषण है कि यहाँ पर पुराना बेली ब्रिज भी अब मलबे में गायब हो चुका है, जिसके चलते चीन सीमा का संपर्क पूरी तरह भंग हो चुका है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी कूलागाड़ पर गत 19 अगस्त को भी बोल्डर और मलबा गिरने से बेली ब्रिज टूट गया था। इसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर नए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया था, जिसे अभी कुछ दिन ही हुए थे कि कुदरत के एक और प्रहार ने इसे दोबारा बहा दिया।
व्यास, दारमा और चौदास घाटियों का संपर्क कटा, काली नदी पर बनी झील
इस सामरिक मार्ग के ध्वस्त होने के कारण सीमांत क्षेत्र की तीन प्रमुख घाटियों— व्यास, दारमा और चौदास घाटियों—का संपर्क जिला तथा तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है। आवापजाही पूरी तरह ठप होने के कारण स्थानीय लोग अपनी जान हथेली पर रखकर जोखिम भरे रास्तों से आने-जाने को विवश हैं।
इतना ही नहीं, कूलागाड़ में आए भारी मलबे और विशाल बोल्डेरों के कारण काली नदी का प्रवाह गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जिससे नदी पर एक कृत्रिम झील (Lake) जैसी स्थिति बन गई है। किसी भी संभावित बड़े खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रशासन मुस्तैद, अस्थायी मार्ग निर्माण शुरू
शनिवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी तहसील प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गया। प्रशासन की देखरेख में फिलहाल मौके पर अस्थायी मार्ग (Temporary Route) तैयार करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है, ताकि कम से कम पैदल आवाजाही और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।
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