देवभूमि जन हुंकार, चमोली / जोशीमठ / देहरादून: पवित्र धाम बदरीनाथ से यात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्रधारा आ रहा ‘ट्रांस भारत एविएशन’ (Trans Bharat Aviation) का एक सिविल हेलीकॉप्टर जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) हो गया। इस भीषण दुर्घटना में हेलीकॉप्टर के पायलट समेत सवार सभी छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
हादसे से पहले दोस्त से हुई थी बात, घने कोहरे और ठंड के बीच कर रहे थे इंतजार
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पाँचों यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले पक्के दोस्त थे, जो तीन दिन पहले चारधाम यात्रा पर निकले थे और शुक्रवार शाम तक वापस अपने घर लौटने वाले थे।
इनमें से एक यात्री एचएस नटराज के बचपन के दोस्त नागेश ने भावुक होते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नटराज ने हेलीकॉप्टर के अंदर से ही उन्हें फोन किया था। नटराज ने बताया था कि वे सब चौपर के अंदर बैठे हैं, लेकिन इलाके में बहुत ज्यादा घना कोहरा और कड़ाके की ठंड है। पायलट ने उन्हें सूचित किया था कि विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहतर होने तक उन्हें इंतजार करना होगा। दुर्भाग्य देखिए कि अपनों से हुई यह आखिरी बातचीत कुछ ही घंटों बाद हमेशा के लिए खामोशी में बदल गई और कुछ ही देर बाद चौपर के क्रैश होने की मनहूस खबर आ गई।
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हादसे के शिकार हुए सभी छह लोगों का परिचय
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों (एसपी सुरजीत सिंह पवार) के मुताबिक, खराब मौसम, घने बादलों और बर्फबारी के बीच सेना, पुलिस, आईटीबीपी (ITBP) और एसडीआरएफ (SDRF) की संयुक्त टीमों ने दुर्गम इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए सभी छह शवों को बरामद कर लिया है।
दुर्घटना का शिकार हुए लोगों का विवरण इस प्रकार है:
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कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48 वर्ष): हेलीकॉप्टर के पायलट थे और मूल रूप से दिल्ली के शालीमार बाग के निवासी थे, जो यात्रियों को सुरक्षित बदरीनाथ से ला रहे थे।
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अरुण सालुंके (44 वर्ष): बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) में निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के पद पर तैनात थे। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के बेलगावी जिले के अरटाल गांव के रहने वाले थे और बेंगलुरु में पत्नी व दो बच्चों के साथ रहते थे।
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प्रताप बी. निंगराजू (41 वर्ष): बेंगलुरु में सिविल ठेकेदारी करते थे और अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनके दो बेटे हैं।
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वीबी शंकर गौड़ा (39 वर्ष): कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल से जुड़े एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता (एडवोकेट) थे।
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सुधीर के. (49 वर्ष): यह भी वकालत के पेशे से जुड़े हुए थे।
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एचएस नटराज (51 वर्ष): कर्नाटक के तुमकुर जिले के हुलियुरुदुर्ग क्षेत्र में ‘विद्या भारती शिक्षण संस्थान’ के प्रमुख थे।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को सौंपी गई जांच, कंपनी का पूरा बेड़ा ग्राउंडेड
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का यह हेलीकॉप्टर (कॉल साइन VT-HCX) ने दोपहर लगभग 1:14 बजे बदरीनाथ से उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुँचते ही इसका ट्रैकिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया, जिसके बाद यह हाथी पर्वत के पीछे चायी गांव/मारवाड़ी क्षेत्र के पास पहाड़ी से टकरा गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी है। ब्लैक बॉक्स की जांच और तकनीकी विश्लेषण से हादसे के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, एहतियात के तौर पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस दर्दनाक हादसे ने चारधाम यात्रा मार्गों पर उड़ने वाले चार्टर्ड और कमर्शियल चौपरों की सुरक्षा व मौसम मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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