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Uttarakhand Administration Concept Representing Election Commission Directives and Officer Transfers for 2027 Assembly Polls
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में राजनीतिक सरगर्मी के साथ-साथ अब प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। राज्य में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पूरी तरह से गंभीर और सख्त नजर आ रहा है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, भयमुक्त और स्वतंत्र बनाने के उद्देश्य से आयोग ने उत्तराखंड शासन को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत प्रदेशभर में अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले तय माने जा रहे हैं।

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मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा गया पत्र, गृह जिले में नहीं होगी तैनाती

प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक आधिकारिक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और चुनाव प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों के तबादलों व नई तैनाती को लेकर बेहद स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।

आयोग के निर्देशों में दो सबसे अहम बातें कही गई हैं:

  1. गृह जिले में तैनाती पर पूर्ण प्रतिबंध: ऐसे किसी भी अधिकारी को उनके गृह जिले (Home District) में तैनात नहीं रखा जाएगा, जिनका चुनाव प्रक्रिया से सीधा संबंध है।

  2. लंबे समय से जमे अधिकारियों का स्थानांतरण: जो अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर या एक ही राजस्व जिले में जमे हुए हैं, उन्हें चुनाव से संबंधित जिम्मेदारियों से मुक्त कर दूसरे जनपदों में स्थानांतरित किया जाएगा।

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28 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है विधानसभा का कार्यकाल

निर्वाचन आयोग की इस सख्त कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण समय सीमा है। उत्तराखंड की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल आगामी 28 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समय पर और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना आयोग की प्राथमिकता है। यही कारण है कि चुनाव घोषणा से काफी पहले ही आयोग ने अपनी मानक तबादला नीति (Transfer Policy) को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दे दिए हैं।

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शासन स्तर पर अफसरों की सूची तैयार करने की कवायद शुरू

निर्वाचन आयोग के इन सख्त आदेशों के सामने आते ही उत्तराखंड शासन के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सचिवालय स्तर पर ऐसे अधिकारियों की पहचान करने और उनकी सूची तैयार करने की तीव्र कवायद शुरू हो गई है, जो वर्तमान में अपने गृह जिले में कार्यरत हैं या फिर निर्धारित समयावधि से अधिक समय से एक ही जिले या कार्यालय में तैनात चले आ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों के बाद आने वाले कुछ ही दिनों में उत्तराखंड के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर तबादला एक्सप्रेस दौड़ती हुई दिखाई देगी, जिससे चुनाव से पहले प्रशासनिक अमले को पूरी तरह निष्पक्ष रूप से सेट किया जा सके।

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By admin