देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के अंतर्गत हल्द्वानी शहर से एक बहुत ही रहस्यमय, चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। शहर के एक प्रतिष्ठित और बड़े कारोबारी के दो जवान बेटे संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोशी की हालत में मिलने से पूरे शहर और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। दोनों बच्चों को गंभीर हालत में राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें होश नहीं आया है।
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी के एक जाने-माने कारोबारी के 17 और 12 वर्षीय दोनों बेटे रविवार की शाम करीब 7:30 बजे अपने-अपने अलग कमरों में पूरी तरह बेहोश और अचेत अवस्था में पाए गए।
जब बच्चों की मां ने उन्हें इस गंभीर स्थिति में देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराई हुई मां ने तत्काल रिश्तेदारों की मदद से दोनों बच्चों को हल्द्वानी के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर दिया।
चिकित्सकों के मुताबिक, दोनों सगे भाइयों में लगभग एक जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक बड़े किशोर के हाथ-पैरों में कुछ-कुछ अंतराल पर हल्की हलचल देखी जा रही है, जबकि छोटा बेटा पूरी तरह बेसुध और सुन्न पड़ा हुआ है।
अस्पताल प्रशासन द्वारा दोनों बच्चों की व्यापक मेडिकल जांच कराई गई है। शुरुआती कुछ जांच रिपोर्ट्स सामान्य पाई गई हैं, जबकि कई अन्य अहम विसरा व टॉक्सिकोलॉजिकल रिपोर्ट्स आनी अभी बाकी हैं।
एसटीएच के एमएस प्रो. अरुण जोशी ने मीडिया को अपडेट देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में दोनों बच्चों का ब्लड शुगर (Blood Sugar) काफी कम पाया गया है। फिलहाल दोनों को आईसीयू में रखकर डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के होश में आने के बाद उनकी एमआरआई (MRI) जांच कराई जाएगी, जिससे बेहोशी के सटीक कारणों का खुलासा हो सके।
चूंकि दोनों बच्चे अलग-अलग कमरों में एक साथ रहस्यमय परिस्थितियों में बेहोश मिले हैं, इसलिए यह पूरा मामला बेहद संदिग्ध माना जा रहा है। यही वजह है कि चिकित्सक फिलहाल बेहोशी की संभावित वजह (जैसे फूड पॉइज़निंग, कोई संदिग्ध पदार्थ या अन्य कारण) को लेकर कोई भी स्पष्ट आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं।
देर रात तक भी दोनों बच्चों को होश नहीं आया था। अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उनकी सेहत पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। इस घटना के बाद से कारोबारी परिवार सदमे में है और शहरभर में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं।
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