हल्द्वानी: कामर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा होने पर ‘सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल‘ का हल्लाबोल, कहा— “जनता के साथ छल”
हल्द्वानी। 1 मई 2026 को मजदूर दिवस के अवसर पर कामर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में हुई ₹993 की रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी ने व्यापारियों के गुस्से को भड़का दिया है। सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल ने इस वृद्धि को “जनता के साथ छल” और “चुनाव का तोहफा” करार देते हुए सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
महंगाई का ‘करंट‘: ₹3000 के पार पहुँचा सिलेंडर
देश की तेल कंपनियों द्वारा की गई इस वृद्धि के बाद महानगरों में कीमतें आसमान छू रही हैं। दिल्ली में जो सिलेंडर ₹2078 का था, वह अब ₹3071.50 का हो गया है। उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे आगरा और लखनऊ में भी कीमतें ₹3100 के पार निकल गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर मध्यम और गरीब वर्ग की जेब पर डाका है।
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गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर प्रदेश संगठन महामंत्री भुवन भट्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि होटल, ढाबे और ठेले वालों की लागत बढ़ने का सीधा असर आम जनता की थाली पर पड़ेगा और यह कदम छोटे कारोबारियों के अस्तित्व को समाप्त करने जैसा है। वहीं तरूण वानखेड़े ने चेतावनी दी है कि बाहर का खाना महंगा होने से ग्राहकों की संख्या में गिरावट आएगी। इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव प्रवासी मजदूरों और छोटे दुकानदारों के मुनाफे (मार्जिन) पर पड़ेगा।
सीमा बत्रा ने 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमत में ₹261 की वृद्धि को छात्र और गरीब कामगारों के लिए बड़ा संकट बताया है। उनका कहना है कि अब यह सिलेंडर ₹810 का हो गया है, जिससे इस वर्ग का रहना-खाना अब बेहद दूभर हो जाएगा। ज्योति अवस्थी ने इस समय पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार की सोची-समझी रणनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही इस तरह से दाम बढ़ाना जनता को बेवकूफ बनाने के समान है।
अंत में, संजय बिष्ट ने कारोबारियों की दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग पहले से ही 50 तरह के टैक्स की मार झेल रहा है। ऐसे में गैस के दामों में की गई इस भारी वृद्धि ने छोटे और मंझोले कारोबारियों की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है।
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स्ट्रीट फूड से लेकर चाय-समोसा तक होगा महंगा
व्यापार मंडल के नेता तेज सिंह कार्की ने चेतावनी दी है कि इस वृद्धि का असर चेन रिएक्शन की तरह होगा। रेस्टोरेंट के बिल बढ़ेंगे और सड़कों पर मिलने वाला स्ट्रीट फूड, चाय और समोसा भी महंगा हो जाएगा। हालांकि, घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कामर्शियल गैस के जरिए महंगाई हर घर तक पहुँचेगी।
दूसरी ओर, सरकार और तेल कंपनियों ने इस बढ़ोत्तरी का बचाव करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का परिणाम बताया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 60% LPG आयात करता है, इसलिए वैश्विक अस्थिरता का असर कीमतों पर तुरंत दिखाई देता है।
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