कुसमखेड़ा चौराहा पर सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल और सवर्ण शक्ति संगठन के संयुक्त तत्वावधान में द्वितीय वार्षिक भव्य भंडारे का शानदार किया आयोजन
नीम करौली बाबा जी के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर हल्द्वानी के कुसमखेड़ा चौराहा में आस्था, सेवा और समर्पण का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहाँ सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल (उत्तराखंड) एवं सवर्ण शक्ति संगठन (उत्तराखंड) के संयुक्त तत्वावधान में द्वितीय वार्षिक भव्य भंडारे का अत्यंत सफल और गरिमामय आयोजन किया गया।
रविवार दोपहर ११ बजे से लेकर शाम ५ बजे तक अनवरत रूप से चला यह विशाल अन्न-सेवा महोत्सव पूरे क्षेत्र में भक्ति, आपसी सद्भाव और निस्वार्थ सेवा का एक अनुपम उदाहरण बन गया। इस पावन धार्मिक आयोजन में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ५००० से अधिक श्रद्धालुओं ने बेहद अनुशासित और कतारबद्ध होकर बाबा जी के चित्र के सम्मुख शीश नवाकर आशीर्वाद लिया और अत्यंत श्रद्धा भाव के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया, जबकि वर्तमान में पड़ रही अत्यधिक भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा भक्तों के लिए ठंडे शर्बत की भी विशेष व व्यापक व्यवस्था की गई थी, जिसकी उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा मुक्तकंठ से भूरि-भूरि सराहना की गई।
“सेवा ही धर्म, एकता ही बल” के पावन और प्रेरणादायक संदेश के साथ आयोजित किए गए इस भव्य कार्यक्रम में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों, स्थानीय स्वयंसेवकों और विभिन्न दानदाताओं ने पूरे धार्मिक उत्साह व उमंग के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। भंडारे के मुख्य पंडाल में सेवादारों द्वारा बेहद आदर और प्रेमपूर्वक तरीके से श्रद्धालुओं को गर्म-गर्म हलवा, पूड़ी, सब्जी और तृप्ति देने वाला ठंडा शर्बत परोसा गया, वहीं दूसरी ओर पंडाल में चल रहे मधुर भजन-कीर्तन तथा बाबा जी के गगनभेदी जयकारों की गूंज से पूरा वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा।
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा नीम करौली महाराज जी की अलौकिक शिक्षाएं आज के आधुनिक दौर में भी मानव समाज को आपसी एकता, सार्वभौमिक प्रेम और निस्वार्थ लोक-सेवा की वास्तविक प्रेरणा देती हैं, क्योंकि “एकता में शक्ति, सेवा में भक्ति” के मूल भाव को आत्मसात करके ही एक सशक्त, समृद्ध और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
इस विशाल धार्मिक महोत्सव को सुचारू और सफल बनाने में कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भुवन भट्ट, तरूण वानखेड़े, प्रताप जोशी, संजय त्यागी, तेज सिंह कार्की, सुरेंद्र नरोला, संजय बिष्ट, सीमा बत्रा, ज्योति अवस्थी, प्रभा खनका, अनिता जोशी, कंचन रौतेला, बबिता जोशी, मंजू भट्ट, तरनजीत कौर, बबिता हलदार, संजय बौरा, अंकित बिष्ट, दिनेश तिवाड़ी, राजेंद्र शर्मा, विनोद जोशी, जितेन्द्र कपिल, पप्पू पाल और शंकर दत्त पोखरिया सहित दोनों संगठनों के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों, प्रतिष्ठित दानदाताओं और समर्पित भक्तों का अत्यंत सराहनीय व उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति के समस्त पदाधिकारियों ने भंडारे में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं, दिन-रात सेवा में जुटे रहने वाले भक्तों, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोगियों तथा पल-पल की रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया प्रतिनिधियों का हृदय की गहराइयों से आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।





