देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के प्रमुख व्यापारिक केंद्र हल्द्वानी से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। त्योहारी सीजन (Festive Season) के ठीक बीचों-बीच जीएसटी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से गुस्साए व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड के जीएसटी प्रभारी राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में नैनीताल जिले के सैकड़ों व्यापारियों ने जीएसटी कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों का कड़ा घेराव किया।
“व्यापारियों का विरोध अपनी जगह… लेकिन अगर कोई नियम तोड़े तो क्या कार्रवाई नहीं होगी? सवाल ये है कि GST कार्रवाई हो, मगर नियम के मुताबिक और बिना किसी के साथ गलत व्यवहार के—आखिर हल्द्वानी में पूरा मामला क्या है?”
व्यापारियों ने सर्वे और कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि त्योहारी सीजन में छापेमारी और सर्वे के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों ने कार्रवाई के दौरान कथित अभद्र व्यवहार का मुद्दा भी उठाया और अधिकारियों से स्पष्ट जवाब की मांग की।
व्यापारियों की ओर से यह चेतावनी भी दी गई कि यदि कार्रवाई का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो बाजार बंदी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
लेकिन नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी जरूरी
वहीं, एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर कोई व्यापारी जीएसटी या अन्य कर नियमों का उल्लंघन करता है, तो कानून के अनुसार जांच और कार्रवाई होना भी जरूरी है।
व्यापारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों के हित और सरकारी राजस्व की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। किसी भी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नियमों का पालन करने वालों को परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि कहीं वास्तविक अनियमितता मिलती है तो उस पर निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
यानी मुद्दा कार्रवाई रोकने का नहीं, बल्कि कार्रवाई के तरीके, पारदर्शिता और नियमों के समान अनुपालन का है।
अधिकारियों ने व्यापारियों से की बातचीत
व्यापारियों के विरोध के बीच जीएसटी विभाग की ज्वाइंट कमिश्नर हेमा भट्ट और एसआईवी डीसी ज्ञान चंद्र धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने व्यापारियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं।
व्यापारियों के अनुसार, अधिकारियों ने फील्ड कार्रवाई के दौरान कथित अभद्र व्यवहार पर खेद जताया और आगे की कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया। बातचीत के बाद व्यापारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इस दौरान इलेक्ट्रिक, केमिस्ट, टेंट, कैटर्स, डिस्ट्रीब्यूटर, फल-सब्जी आढ़ती और गल्ला मंडी समेत विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और व्यापारी मौजूद रहे।
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