देवभूमि जन हुंकार, हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में पुलिस ने अपनी उत्कृष्ट कार्यकुशलता का परिचय देते हुए एक अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी को सुलझाते हुए बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। एसएसपी के निर्देशन और एसपी सिटी दीपक सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने दूधियाबंद जंगल में मिले अज्ञात शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल कातिल पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि अस्पताल में इलाज के दौरान शुरू हुई पहचान, अवैध संबंधों और गोपाल द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों से तंग आकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था।
प्राप्त विवरण के अनुसार, दिनांक 17 सितंबर 2026 की सुबह सिटी हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दूधियाबंद के पास जंगल में एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट तो मिला, लेकिन पहचान से जुड़ा कोई अन्य दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के जिलों से संपर्क कर शिनाख्त के प्रयास किए।
दिनांक 20 सितंबर 2026 को हरिद्वार पहुंचे स्वजनों ने मृतक की पहचान बिजनौर निवासी गोपाल के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस टीम मामले की तह तक जाने में जुट गई।
एसपी सिटी दीपक सिंह के अनुसार, विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और तकनीकी तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर कर रख दिया:
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अस्पताल में हुई थी पहचान: पूछताछ में जानकारी मिली कि अस्पताल में इलाज के दौरान गोपाल की इस महिला से पहचान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बन गए।
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ब्लैकमेलिंग और दबाव: पुलिस के मुताबिक, बाद में गोपाल महिला पर अपने पति को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था और लगातार धमकियां दे रहा था। इसी से परेशान होकर महिला ने अपने पति नरेंद्र को पूरी बात बता दी।
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हत्या की योजना: इसके बाद नरेन्द्र ने अपनी पत्नी, अपने भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
योजना के मुताबिक दिनांक 16 सितंबर 2026 की रात महिला ने गोपाल को बिजनौर से हरिद्वार बुलाया। उसे गंगा घाट ले जाया गया, जहाँ शराब पिलाने के बाद जब गोपाल सो गया, तो चापड़ और छुरी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उसका मोबाइल फोन और पर्स गंगा में फेंक दिया गया, और शव को दूधियाबंद के पास जंगल में छोड़ दिया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नरेन्द्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का चापड़ भी बरामद कर लिया है। मामले में नरेंद्र के भाई और एक अन्य फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस सफल खुलासे में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उप निरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
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