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Uttarakhand Trade Concept Representing Contractor Protest and Begging Demonstration in Haldwani
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख व्यावसायिक शहर हल्द्वानी से निर्माण कार्यों से जुड़े राजकीय ठेकेदारों के भारी असंतोष और अनोखे विरोध प्रदर्शन की बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकार द्वारा निर्माण कार्यों की रॉयल्टी को पांच गुना बढ़ाए जाने के एक नए शासनादेश के खिलाफ ठेकेदार सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में जहाँ ठेकेदारों ने सांकेतिक धरना दिया, वहीं प्रशासन और सरकार को अनूठे तरीके से जगाने के लिए उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय पार्क में भीख मांगकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।

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भीख में मिले 675 रुपये, एसडीएम के माध्यम से राजकोष में कराए जाएंगे जमा

सोमवार को हल्द्वानी के विभिन्न हिस्सों में ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। शासनादेश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने तिकोनिया स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क के पास हाथ फैलाकर भीख मांगी। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें भिक्षा स्वरूप कुल 675 रुपये प्राप्त हुए।

प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने मीडिया के सामने ऐलान किया कि जनता और सरकार के बीच संवादहीनता का प्रतीक यह 675 रुपये की राशि वे एसडीएम हल्द्वानी के माध्यम से सीधे सरकारी राजकोष में जमा कराएंगे। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों के कारण आज उन्हें आर्थिक तंगी के चलते इस स्थिति में आना पड़ा है।

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“बढ़ी हुई रॉयल्टी से खड़ा हुआ भारी आर्थिक संकट, सीएम करें सीधा संवाद”

धरना प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने शासनादेश संख्या 2102/VII-A-1/2025-8(02)/2023 का हवाला देते हुए बताया कि सरकार द्वारा रॉयल्टी को अचानक पांच गुना किए जाने से उनके पूरे व्यवसाय के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बढ़े हुए दरों के हिसाब से रॉयल्टी का भुगतान करना उनके सामर्थ्य से बाहर हो रहा है।

ठेकेदारों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीधी अपील करते हुए कहा कि वे बीच के अधिकारियों और बाबुओं के माध्यम से समस्या का गोलमोल निस्तारण कराने के बजाय प्रदेश की जनता और सीधे ठेकेदारों से संवाद करें और जमीनी हकीकत को समझकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें।

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त्योहारी सीजन में राहत की उम्मीद, सुनवाई न होने पर निर्माण कार्य ठप कराने की चेतावनी

ठेकेदारों का कहना था कि इस पावन त्योहारी सीजन में उन्हें सरकार और मुख्यमंत्री से काफी उम्मीदें थीं कि उन्हें कुछ राहत दी जाएगी, लेकिन इसके विपरीत भारी-भरकम बोझ लाद दिया गया है। सरकार को उनकी व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत राहत देनी चाहिए।

अंत में ठेकेदारों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक आक्रामक बनाएंगे। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रदेशभर में राजकीय निर्माण कार्यों को पूरी तरह बंद कराने के लिए अन्य जिलों के ठेकेदारों से भी समर्थन और सहयोग की अपील की जाएगी।

सोमवार के इस धरने में योगेश तिवारी, कैलाश साह, उमेश जोशी, दयाकिशन जोशी, राजेंद्र चौधरी, पंकज बजेठा, आशीष बिष्ट, जिज्ञाशु भट्ट, अर्जुन जिह, उमेश पनेरू, रमेश चंद्र भट्ट, लाल सिंह पवार, आनंद पड़ियार, शोएब सिद्दीकी, उपेंद्र कनवाल, नरेश पनेरू, राजेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र पांडे और प्रकाश भट्ट सहित बड़ी संख्या में प्रमुख ठेकेदार उपस्थित रहे।

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By admin