देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल / देहरादून: उत्तराखंड के प्रमुख व्यावसायिक शहर हल्द्वानी में सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने के नाम पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने की होड़ के बीच धार्मिक स्वरूपों के कथित अमर्यादित और आपत्तिजनक चित्रण को लेकर शहर में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार को करनी सेना और विभिन्न हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली पहुँचकर जोरदार प्रदर्शन किया और लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट के खिलाफ तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की।
मां काली के पवित्र स्वरूप को आपत्तिजनक ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप
करनी सेना की महिला जिला अध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुँचे और पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पुलिस को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट ने हाल ही में मां काली के स्वरूप में एक रील अथवा वीडियो शूट किया था, जिसमें हिंदू आस्था की आराध्य देवी के पवित्र और पूजनीय स्वरूप को कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और विकृत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना था कि वीडियो में संबंधित देवीय स्वरूप को धारण कर असामान्य गतिविधियाँ करते हुए दिखाया गया है। संगठनों का आरोप है कि इस प्रकार की अमर्यादित प्रस्तुति से करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं, तथा बच्चों सहित आम नागरिकों के बीच भय, रोष तथा असहजता का माहौल पैदा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूपों का मंचन या सोशल मीडिया प्रदर्शन करते समय न्यूनतम मर्यादा एवं सामाजिक संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। केवल अधिक व्यूज और लाइक्स पाने के लिए इस तरह की सामग्री प्रसारित करना अक्षम्य है।
BNS और IT Act के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
करनी सेना और अन्य संगठनों ने पुलिस अधिकारियों को सौंपे गए शिकायती पत्र में मांग की है कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की प्रासंगिक एवं कठोर धाराओं के तहत तत्काल मामला दर्ज कर इसकी गहन जाँच की जाए। संगठनों का स्पष्ट कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस-प्रशासन को बिना किसी विलंब के गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की ओछी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
प्रदर्शन के दौरान उग्र आक्रोश व्यक्त करते हुए करनी सेना और अन्य संगठनों ने खुली चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में जल्द से जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक और उग्र तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। संगठनों ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के सम्मान से जुड़े इस मुद्दे पर बिल्कुल पीछे हटने वाले नहीं हैं।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह मामला विभिन्न हिंदू संगठनों की लिखित शिकायत और कानूनी कार्रवाई की माँग से जुड़ा हुआ है। इस मामले में नीतू बिष्ट का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा औपचारिक रूप से FIR दर्ज होने की स्थिति की पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्राथमिक जाँच और वीडियो के तथ्यों के सत्यापन के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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