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Uttarakhand Panchayat Concept Representing Block Meeting and Protest in Bageshwar Vikas Khandबागेश्वर ब्लॉक सभागार और विकासखंड कार्यालय का प्रतीकात्मक दृश्य।
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संवाददाता सीमा खेतवाल 

देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर / अल्मोड़ा / देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में ग्रामीण विकास और त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्थाओं में पारदर्शिता को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। जनपद बागेश्वर के विकासखंड बागेश्वर के ब्लॉक सभागार में आज आयोजित बजट एवं कार्ययोजना संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई, जब विभिन्न अनियमितताओं और प्रक्रियागत कमियों को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने तीखा विरोध दर्ज कराया। ज्येष्ठ उप प्रमुख मनीष कुमार टम्टा सहित तमाम निर्वाचित सदस्यों ने बैठक में मनमानी का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

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बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मुख्य रूप से यह आरोप लगाया कि बजट एवं कार्ययोजना से संबंधित इतनी महत्वपूर्ण बैठक से पूर्व क्षेत्र पंचायत की कोई भी विधिवत सामान्य बैठक आयोजित नहीं की गई थी। इसके साथ ही सदस्यों से किसी भी विकास योजना के प्रस्ताव मांगकर उन पर उचित विचार-विमर्श या चर्चा भी नहीं की गई।

सदस्यों का कहना था कि बैठक में विकास योजनाओं पर मंथन करने के बजाय सीधे तौर पर सदस्यों के नाम एवं पद के सामने हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे। सदस्यों ने आशंका जताई कि इस प्रकार की कार्यशैली से क्षेत्र पंचायत के निर्वाचित सदस्यों के अधिकारों का हनन हो रहा है और उनके ग्रामीण क्षेत्रों के अपेक्षित विकास कार्यों की सरासर अनदेखी हो रही है।

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 बैठक के दौरान सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख द्वारा लगभग 80 से 90 घोषणाएं किए जाने तथा करीब 50 लाख रुपये की सोलर लाइट संबंधी योजना का प्रस्ताव रखे जाने की प्रक्रिया पर भी कड़े सवाल खड़े किए। सदस्यों ने जानना चाहा कि आखिर यह पूरी प्रक्रिया किस शासनादेश एवं नियम के अंतर्गत संचालित की जा रही है। उनका साफ कहना था कि बजट और कार्ययोजनाओं के निर्धारण में पूरी पारदर्शिता, नियमानुसार प्रशासनिक प्रक्रिया और सभी निर्वाचित सदस्यों की समान सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक में लगभग 20 लाख रुपये की घोषणाओं को लेकर बजट पर चर्चा होने के बावजूद, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए उपलब्ध बजट को कम किया जा रहा है और उस धनराशि को ब्लॉक के अन्य कार्यों में खर्च करने की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सभी सदस्यों के प्रस्तावों को समान महत्व दिया जाए और बजट आवंटन की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की जाए।

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 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने यह भी उल्लेख किया कि सामान्य बैठकों एवं अन्य कार्यक्रमों की सूचना ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से नियमित रूप से दी जाती रही है, लेकिन बजट एवं कार्ययोजना जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में सूचना एवं प्रक्रिया के स्तर पर भारी लापरवाही बरती गई।

इस तमाम असंतोष के चलते उपस्थित सदस्यों ने तत्काल बैठक को स्थगित करने तथा नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इसे दोबारा आयोजित करने की मांग रखी। बैठक में लगभग 13 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें प्रमुख रूप से रवि रावत, भगवान भंडारी, निर्मल साह, कुशल धनिक, भारती रावत, सुनील जोशी, काजल आर्या, बहादुर सिंह, मनीष कुमार प्रसाद, रमेश राम, दीपा देवी एवं ज्येष्ठ उप प्रमुख मनीष कुमार टम्टा शामिल रहे।

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सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना कतई नहीं है, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य क्षेत्र पंचायत के अधिकारों की रक्षा करना, विकास योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाना और जनहित में बजट का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है।

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By admin