DLSA Bageshwar Legal Awareness Camp at Gadser Garurग्राम सभा गड़सेर गरुड़ में 'मानव तस्करी के विरुद्ध विश्व दिवस' पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में जानकारी देते रिटेनर अधिवक्ता।
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देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर (30 जुलाई 2026): सामाजिक अपराधों की रोकथाम और ग्रामीण अंचल के नागरिकों को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागेश्वर द्वारा निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के पत्रांक निर्देशों के अनुक्रम में तथा माननीय जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागेश्वर श्री पंकज तोमर के कुशल मार्गदर्शन में आज 30 जुलाई 2026 को गरुड़ विकासखंड के ग्राम सभा गड़सेर में ‘मानव तस्करी के विरुद्ध विश्व दिवस’ (World Day Against Trafficking in Persons) के अवसर पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

मानव तस्करी के तरीकों और सामाजिक खतरों पर विस्तृत चर्चा

शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागेश्वर के रिटेनर अधिवक्ता श्री त्रिलोक चन्द्र जोशी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के विविध पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी एक ऐसा घिनौना और जघन्य अपराध है, जिसमें पैसों का लालच, धोखाधड़ी, शादी के झूठे वादों या पारिवारिक मजबूरी का नाजायज फायदा उठाकर निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और मासूम बच्चों को शिकार बनाया जाता है। इसके बाद उन्हें बंधुआ मजदूरी, यौन शोषण और विभिन्न अवैध गतिविधियों के दलदल में धकेल दिया जाता है।

अधिवक्ता जोशी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2013 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई थी, ताकि वैश्विक स्तर पर इस अपराध की भयावहता के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि तस्कर अक्सर दूर-दराज, गरीब और असहाय परिवारों को अच्छी नौकरी या बेहतर जीवन का झांसा देकर निशाना बनाते हैं, इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सजगता ही इस अपराध का सबसे बड़ा बचाव है।

दहेज, बाल विवाह, नशा मुक्ति और नालसा हेल्पलाइन की जानकारी

मानव तस्करी के अलावा शिविर में ग्रामीणों को अन्य सामाजिक बुराइयों और कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। रिटेनर अधिवक्ता ने ‘दहेज को ना कहें’ का आह्वान करते हुए बाल विवाह रोकने के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही नालसा (DAWN) योजना के तहत समाज में नशे से होने वाले विनाशकारी दुष्परिणामों के प्रति सतर्क किया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, समाज के गरीब, कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता योजनाओं तथा राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की आपातकालीन हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भारी संख्या में प्रतिभाग कर जानकारी प्राप्त की।


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