
देवभूमि जन हुंकार, कालाढूंगी (नैनीताल): जनपद नैनीताल के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गैबुआ में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसा घटित हो गया। विद्युत लाइन में आई तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने के दौरान बैलपड़ाव विद्युत सब स्टेशन में ठेकेदारी के तहत कार्यरत 25 वर्षीय संविदा कर्मचारी चंद्रभान 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
11 हजार वोल्ट लाइन के संपर्क में आते ही पोल से नीचे गिरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम धमोला (कालाढूंगी) निवासी चंद्रभान बैलपड़ाव विद्युत सब स्टेशन में ठेकेदारी के अंतर्गत लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। रविवार सुबह गैबुआ क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित होने और लाइन में खराबी की सूचना मिलने पर चंद्रभान फॉल्ट दुरुस्त करने मौके पर पहुंचा था।
वह विद्युत पोल पर चढ़कर लाइन की जांच और मरम्मत का कार्य कर ही रहा था कि अचानक पोल के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से उसके सिर का संपर्क हो गया। तेज करंट का झटका लगते ही वह अनियंत्रित होकर पोल से सीधे नीचे जमीन पर आ गिरा।
रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में मृत घोषित
अचानक हुए इस भीषण हादसे से मौके पर मौजूद साथी कर्मचारियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारी बिना समय गंवाए गंभीर रूप से झुलसे चंद्रभान को तत्काल उपचार के लिए रामनगर स्थित रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया और धमोला गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
“शटडाउन प्रक्रिया पूरी होने से पहले पोल पर चढ़ा कर्मचारी” — जेई मनोहर सिंह
हादसे के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के जेई मनोहर सिंह ने बताया:
“हादसा शटडाउन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले कर्मचारी के पोल पर चढ़ जाने के कारण हुआ। नीचे मौजूद कर्मचारी लाइन का शटडाउन लेने की प्रक्रिया में जुटे हुए थे, लेकिन इसी बीच चंद्रभान पोल पर चढ़ गया और सिर के ऊपर से गुजर रही 11 KV लाइन के संपर्क में आ गया।”
जेई ने बताया कि हादसे की सूचना तत्काल मृतक के परिजनों और पुलिस को दे दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
विद्युत विभाग में सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने हाईटेंशन लाइनों पर काम करने वाले श्रमिकों और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार विद्युत लाइनों पर किसी भी प्रकार के कार्य से पूर्व शटडाउन की पुष्टि, अर्थिंग रॉड का उपयोग, लाइन को सुरक्षित घोषित करना तथा हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स और सेफ्टी बेल्ट जैसे जीवन रक्षक उपकरणों का अनिवार्य उपयोग किया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस और विद्युत विभाग दोनों स्तरों पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई चूक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
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