भीमताल में 16 जुलाई से सजेगा ऐतिहासिक ‘हरेला मेला’: कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने विकास भवन में ली हाई-लेवल बैठक; तैयारियों के लिए 10 जुलाई की ‘डेडलाइन’ तय! 👇
भीमताल/नैनीताल: उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और हमारी पारंपरिक लोक विरासत का प्रतीक ‘हरेला मेला’ इस वर्ष भी भीमताल में बेहद भव्य, सुव्यवस्थित और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा [cite: उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं पारंपरिक विरासत के प्रतीक ‘हरेला मेला’ का आयोजन प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भीमताल में आगामी 16 जुलाई 2026 से भव्य एवं हर्षोल्लास पूर्वक किया जाएगा।]। मेले की पूर्व तैयारियों को समय से पूरा करने तथा पूरे आयोजन को विधिक व प्रशासनिक रूप से चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई [cite: मेले की पूर्व तैयारियों की समीक्षा तथा आयोजन को सुव्यवस्थित एवं भव्यतापूर्वक सम्पन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में कैबिनेट मंत्री श्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई।]।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि हरेला मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि हमारी लोक संस्कृति और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव है [cite: बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री कैड़ा ने कहा कि हरेला मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का उत्सव है। ]। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी विधिक समन्वय स्थापित करते हुए आगामी 10 जुलाई 2026 तक मेले से जुड़ी समस्त मूलभूत और प्रशासनिक तैयारियां हर हाल में पूर्ण करने का कड़ा विधिक अल्टीमेटम जारी किया है।
स्थानीय उत्पाद और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल होंगे मुख्य आकर्षण
उच्चस्तरीय बैठक में मेले के सफल और भव्य संचालन हेतु विभिन्न नीतिगत बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मेले के दौरान उत्तराखंड की पारंपरिक विधाओं को बढ़ावा देने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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सरकारी विभागों की प्रदर्शनी: मेले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लोक-कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल एवं प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।
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स्थानीय शिल्प को मंच: इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs), खादी ग्रामोद्योग, स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक (Organic) कृषि उत्पादों एवं उद्यान विभाग के स्टॉल मुख्य आकर्षण के केंद्र रहेंगे।
सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक व्यवस्था पर कड़े विधिक निर्देश
कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने मेले के दौरान कानून व्यवस्था और जन-सुरक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन और स्थानीय निकाय को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
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भीड़ नियंत्रण और निगरानी: मेले में आने वाले स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश के पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी भीड़ नियंत्रण और पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से सघन निगरानी सुनिश्चित की जाए।
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महिला सुरक्षा: मेले में महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता और विधिक चौकसी बरतने के आदेश दिए गए हैं।
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यातायात एवं पार्किंग: भीमताल क्षेत्र में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल चिन्हित करने के विधिक निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त मेले के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता एवं पुख्ता स्वास्थ्य विधिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में शासन और प्रशासन के यह उच्चाधिकारी रहे मौजूद
भीमताल विकास भवन में आयोजित इस अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से नगर पालिका परिषद भीमताल की अध्यक्ष सीमा टमटा, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरविंद कुमार पाण्डे, उपजिलाधिकारी/मेलाधिकारी नवाजिश खालिक, मण्डल अध्यक्ष कमल जोशी, जिला मंत्री मनोज भट्ट, प्रदीप पाठक, योगेश तिवारी, पंकज जोशी, अनिल चनोतिया, गोपाल कृष्ण भट्ट सहित विभिन्न रेखीय विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, स्थानीय व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा सामाजिक संगठनों के विधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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