DM ललित मोहन रयाल का कड़ा आदेश, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले अफसरों पर दर्ज होगा मुकदमा! 👇
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल सहित पूरे जनपद में मानसून के सक्रिय होने तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा समय-समय पर भारी वर्षा व प्रतिकूल मौसम की चेतावनी जारी किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित दैवीय आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ललित मोहन रयाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधिक गाइडलाइन और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट विधिक निर्देश दिए हैं कि मानसून अवधि के दौरान कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व प्रशासनिक विधिक अनुमति के अपना मुख्यालय व कार्यक्षेत्र नहीं छोड़ेगा। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सीधे मुकदमा दर्ज कर निलंबन की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
📱 अफसरों के मोबाइल 24×7 रहेंगे ऑन, लापरवाही पर सीधे आपदा एक्ट में होगी जेल
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आपदा प्रबंधन की इस उच्चस्तरीय विधिक समीक्षा में स्पष्ट किया कि मानसून काल के दौरान किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक: समस्त विभागाध्यक्षों, नोडल अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने नियत कार्यक्षेत्र में मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन भूस्खलन या जलभराव की स्थिति में त्वरित विधिक एक्शन लिया जा सके।
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24 घंटे एक्टिव मोड: सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन और शासकीय संपर्क नंबर चौबीसों घंटे (24×7) अनिवार्य रूप से सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद के संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों (Landslide Zones) की निरंतर विधिक निगरानी की जाएगी।
📞 आपदा की त्वरित सूचना के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर
जिलाधिकारी ने आम जनता और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC), नैनीताल के आधिकारिक आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी मार्ग के बंद होने, जलभराव या आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर तत्काल विधिक सूचना दी जा सकती है:
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लैंडलाइन नंबर: 05942-231178, 05942-231179
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आधिकारिक मोबाइल नंबर: 8272080884
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अन्य माध्यम: पुलिस वायरलेस नेटवर्क
डीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD), एनएच (NH), विद्युत, जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ जेसीबी मशीनों और आवश्यक विधिक राहत सामग्री के साथ २४ घंटे तैनात रहने को कहा है।
⚖️ नियमों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि मानसून अवधि में जारी किए गए इन विधिक आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी संवेदनशील मोड़ या तहसील स्तर पर कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाया गया या बिना बताए गायब मिला, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की सुसंगत और कड़ी विधिक धाराओं के अंतर्गत तत्काल दंडात्मक कार्रवाई और विभागीय विधिक मुकदमा (Legal Prosecution) दर्ज कराया जाएगा।
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