उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘SWOC’ महा-मंथन: कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने तैयार किया दीर्घकालिक विकास का रोडमैप! 👇
हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) के सेंटर फॉर इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस (CIQA) के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के संस्थागत सुदृढ़ीकरण, अकादमिक गुणवत्ता में सुधार एवं भावी रणनीतिक कार्ययोजना के निर्माण के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण ‘SWOC’ विश्लेषण बैठक का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के नवनिर्मित सीडीएस विपिन रावत बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस उच्चस्तरीय विधिक व प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी द्वारा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर विश्वविद्यालय की आंतरिक शक्तियों (Strengths), कमजोरियों (Weaknesses), भावी अवसरों (Opportunities) और भविष्य की चुनौतियों (Challenges) पर बिंदुवार बेहद गंभीर विधिक व रणनीतिक मंथन किया गया।
सतत प्रगति के लिए आत्म-मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक: कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी
उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की सतत प्रगति और वैश्विक मानकों पर खरा उतरने के लिए समय-समय पर निष्पक्ष आत्म-मूल्यांकन (Self-Assessment) करना नितांत आवश्यक है।
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नवाचार पर जोर: उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न विद्याशाखाओं, विभागों एवं प्रशासनिक इकाइयों के नोडल अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से बेहद व्यावहारिक, दूरदर्शी एवं सुधारात्मक सुझाव देने का आह्वान किया।
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दक्षता में सुधार: कुलपति ने स्पष्ट किया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर ही मुक्त विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध (Research), नवाचार (Innovation), छात्र सहायता सेवाओं (Student Services) और प्रशासनिक विधिक दक्षता को और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और भावी योजनाओं पर साझा हुई रिपोर्ट
बैठक के विभिन्न विधिक सत्रों के दौरान विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभागों की उपलब्धियों, वर्तमान प्रगति रिपोर्ट तथा भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी सदन के सम्मुख साझा की:
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निदेशक अकादमिक प्रो. पी. डी. पंत ने अकादमिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम संशोधन और डिजिटल शिक्षा (E-Learning) के विस्तार पर अपनी विधिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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वित्त नियंत्रक एस. पी. सिंह ने वित्तीय प्रबंधन, बजट आवंटन और संस्थागत पारदर्शिता को लेकर विधिक आंकड़े साझा किए।
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परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार ने परीक्षा प्रणाली के डिजिटलाइजेशन, मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार और परीक्षा परिणामों को समयबद्ध ढंग से घोषित करने की विधिक योजनाओं से अवगत कराया।
इस दौरान उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल विकास (Skill Development), उद्योग-संस्थान समन्वय (Industry-Academia Collaboration) तथा शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए उपस्थित संकाय सदस्यों से महत्वपूर्ण विधिक सुझाव प्राप्त किए गए।
तैयार होगा दीर्घकालिक संस्थागत विकास का विधिक ‘रोडमैप’
CIQA के अतिरिक्त निदेशक प्रो. गगन सिंह ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ‘SWOC’ विश्लेषण बैठक में प्राप्त सभी बहुमूल्य और व्यावहारिक सुझावों को विधिक रूप से संकलित किया जाएगा। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के दीर्घकालिक संस्थागत विकास का एक व्यापक और मजबूत ‘रोडमैप’ (Master Plan) तैयार किया जाएगा, जो भविष्य में विश्वविद्यालय की दिशा और दशा तय करेगा।
इस अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामयी कार्यक्रम का सफल विधिक संचालन प्रो. जितेंद्र पाण्डेय द्वारा किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय की विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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