दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में धंसा: NHAI का बड़ा एक्शन; साइट इंजीनियर डिबार, टीम लीडर और प्रोजेक्ट मैनेजर सस्पेंड! 👇
मुजफ्फरनगर/नई दिल्ली: करीब 12 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। मानसून की पहली ही बारिश में एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा धंसने और सड़क पर दरारें आने के बाद एनएचएआई ने अपने साइट इंजीनियर आलोक कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए डिबार कर दिया है।
इसके साथ ही विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निदेशक, निर्माण कार्य की निगरानी करने वाली कंसल्टेंसी एजेंसी (अथॉरिटी इंजीनियर) और एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली मुख्य ठेकेदार कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। लापरवाही की गंभीरता को देखते हुए अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पहली ही बारिश में खुली पोल, एक्सप्रेसवे पर आई बड़ी-बड़ी दरारें:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सड़क मुजफ्फरनगर के खेड़ा मस्तान और डूंगर के बीच अचानक धंस गई। सड़क धंसने के साथ-साथ एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें भी आ गईं, जिसके चलते वहां से गुजरने वाले कई वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस भूधंसाव के कारण कई गाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आ रही है।
एक्सप्रेसवे की खस्ताहाल सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद एनएचएआई मुख्यालय में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने आनन-फानन में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम से मामले की तकनीकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।
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परियोजना निदेशक समेत तीन को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब:
एनएचएआई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस पूरे एक्शन की जानकारी साझा की है। विभाग ने परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह, निर्माण कार्य की निगरानी कर रही कंसल्टेंसी एजेंसी अथॉरिटी इंजीनियर और एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है। इन सभी से तीन दिन के भीतर पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण और जवाब मांगा गया है।
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इन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज, साइट इंजीनियर डिबार:
प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए एनएचएआई ने तत्काल प्रभाव से कई बड़े चेहरों को निलंबित कर दिया है। निर्माण की निगरानी कर रही अथॉरिटी इंजीनियर कंपनी के टीम लीडर का काम देख रहे कुलदीप राजदान को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही मुख्य ठेकेदार कंपनी के परियोजना प्रबंधक (प्रोजेक्ट मैनेजर) नागेंद्र पाल सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
विभाग ने अपने ऑन-साइट इंजीनियर आलोक कुमार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया है। एनएचएआई के इस कड़े रुख से साफ है कि सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा।
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