Nainital DM Office Building and Land Law Violation Noticeनैनीताल के ग्राम सतबूंगा में भू-कानून उल्लंघन पर 250 वर्ग मीटर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी करते डीएम ललित मोहन रयाल।
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देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल (05 अगस्त 2026): उत्तराखंड में भू-कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराने और निर्धारित सीमा से अधिक भूमि क्रय करने वाले मामलों पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख जारी है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल ने भू-कानून के उल्लंघन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए ग्राम सतबूंगा स्थित 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के कड़े आदेश पारित किए हैं। इसके साथ ही उपजिलाधिकारी नैनीताल को राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कर भूमि का कब्जा तुरंत राज्य सरकार के पक्ष में लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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खपराड़ में 500 मीटर जमीन दर्ज, फिर भी सतबूंगा में खरीदी अतिरिक्त भूमि

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नैनीताल तहसील के अंतर्गत ग्राम खपराड़ और ग्राम सतबूंगा से जुड़ा है। उपजिलाधिकारी नैनीताल द्वारा की गई गहन जांच में यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि श्रीमती पूनम त्रिखा (निवासी बल्लभगढ़, हरियाणा) के नाम से ग्राम खपराड़ में श्रेणी-1(ग) की 500 वर्ग मीटर भूमि पहले से ही राजस्व अभिलेखों में दर्ज पाई गई।

इसके बावजूद, उनके पति राकेश त्रिखा ने राज्य के भू-कानून की निर्धारित सीमाओं को नजरअंदाज करते हुए ग्राम सतबूंगा में 250 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि क्रय कर ली।

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‘अलग रहने’ का दावा खारिज, विधिक विवाह-विच्छेद न होने पर डीएम कोर्ट का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष (दंपति) की ओर से यह दलील दी गई कि पति-पत्नी दोनों अलग-अलग रहते हैं और उनका एक-दूसरे के भूमि क्रय से संबंध नहीं है।

हालाँकि, जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से पक्ष रखते हुए बताया कि प्रतिवादियों का आपस में विधिक रूप से कोई विवाह-विच्छेद (तलाक) नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, खपराड़ की 500 वर्ग मीटर भूमि आज भी सरकारी राजस्व अभिलेखों में श्रीमती पूनम त्रिखा के नाम पर यथावत दर्ज है। ऐसे में एक ही कानूनी परिवार द्वारा अतिरिक्त भूमि का क्रय किया जाना सीधे तौर पर उत्तराखंड राज्य के भू-कानून का उल्लंघन है।

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राज्य सरकार के पक्ष में जब्त होगी भूमि, एसडीएम लेंगे भौतिक कब्जा

दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट फैसला सुनाते हुए ग्राम सतबूंगा स्थित 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार में निहित (सरकारी कब्जे में) करने के आदेश दिए।

जिला मजिस्ट्रेट ने उपजिलाधिकारी नैनीताल को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे तुरंत राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टि (सरकारी नाम दर्ज) कराकर उक्त भूमि का भौतिक कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में प्राप्त करें। प्रशासन के इस कड़े फैसले से भू-कानूनों की धज्जियां उड़ाने वालों में हड़कंप मच गया है।


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