देवभूमि जन हुंकार, गरुड़/बागेश्वर (11 अगस्त 2026): उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और इमरजेंसी ब्लड बैंकों का अभाव आज भी जच्चा-बच्चा के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक स्थित सैलाबगड़ मेगड़ीस्टेट निवासी एक महिला की प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने और हालत बिगड़ने से जिला अस्पताल में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक नवजात शिशु को जन्मते ही अनाथ कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और मातम का माहौल है।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और खून की कमी से जूझ रही थी प्रसूता
प्राप्त मेडिकल जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान भावना देवी के रूप में हुई है। एएनसी (ANC) विवरण के मुताबिक उनकी संभावित प्रसव तिथि (EDD) 13 अगस्त 2026 थी। यह उनकी छठवीं गर्भावस्था थी और उनमें पहले से ही खून की भारी कमी (एनीमिया) थी, जिसके कारण डॉक्टरों ने इसे ‘हाई रिस्क डिलीवरी’ की श्रेणी में दर्ज किया था।
रविवार 9 अगस्त की शाम अचानक प्रसव पीड़ा होने पर ग्राम सिमसाल की आशा कार्यकर्ता उन्हें निजी वाहन से शाम 5:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बैजनाथ लेकर पहुंचीं।
स्वस्थ बालक का जन्म, फिर अचानक बिगड़ी तबीयत
सीएचसी बैजनाथ में शाम 7:32 बजे भावना ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव के तुरंत बाद जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। लेकिन प्रसव के लगभग एक घंटे बाद अचानक भावना का ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ने लगा। उन्हें भारी रक्तस्राव (Postpartum Hemorrhage) शुरू हो गया और चक्कर आने लगे।
चूंकि सीएचसी बैजनाथ में ब्लड बैंक और पर्याप्त खून की व्यवस्था नहीं है, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार और रक्तस्राव रोकने की वैकल्पिक दवाइयां दीं। उस समय तक मरीज बातचीत कर रही थीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डॉक्टरों ने रात 8:30 बजे उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल बागेश्वर के लिए रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल के आईसीयू में तोड़ा दम
रात करीब 10:30 बजे भावना देवी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें खून चढ़ाने (Blood Transfusion) की प्रक्रिया शुरू की और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। लेकिन शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू (ICU) में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों के तमाम अथक प्रयासों के बावजूद, देर रात 12:25 बजे भावना देवी ने अंतिम सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल प्रशासन ने घटना की पूरी सूचना परिजनों और उच्चाधिकारियों को दे दी है। इस घटना ने पहाड़ में दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लड बैंक की आवश्यकता को फिर से प्रमुखता से सामने ला दिया है।
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