Uttarakhand Social Concept Representing Savarna Samaj Conclave In Haldwani
Spread the love

देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के अंतर्गत हल्द्वानी शहर में सवर्ण समाज ने अपनी ताकत और एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन किया है। सवर्ण शक्ति संगठन उत्तराखंड के बैनਰ तले रविवार को हल्द्वानी के संगम मैरिज पैलेस में एक विशाल जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में UGC के नए नियमों के विरोध में सड़कों से लेकर हॉल तक भारी आक्रोश देखने को मिला, जहाँ खचाखच भरे हॉल में लोगों ने एक स्वर में UGC के नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।

 “UGC का नया फरमान शिक्षा में समानता नहीं, सवर्णों के खिलाफ षड्यंत्र है” — आनंद स्वरूप महाराज

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर पूज्य आनंद स्वरूप जी महाराज ने एक बेहद तीखा और बड़ा बयान देते हुए कहा कि UGC का यह नया फरमान शिक्षा में समानता लाने का माध्यम नहीं, बल्कि सवर्णों के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “विश्वविद्यालय ज्ञान के केंद्र होते हैं, जातीय प्रताड़ना का अड्डा नहीं।”

महाराज ने हल्द्वानी प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हुई बाधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह इस कार्यक्रम को फेल करने के लिए वेंकट हॉल के स्वामी को डराकर कार्यक्रम बंद करने की धमकी दी गई तथा सवर्ण शक्ति संगठन के अध्यक्ष भुवन भट्ट पर दबाव बनाया गया, वह बेहद निंदनीय और लोकतंत्र के खिलाफ है।

यह भी पढ़ें 👉हल्द्वानी में जिला सूचना अधिकारी (DIO) गिरिजा शंकर जोशी का हृदय गति रुकने से अचानक निधन: पत्रकार जगत और प्रशासनिक महकमे में छाई गहरी शोक की लहर

“जो UGC पर मौन रहेगा, 2027 में जनता उसे सबक सिखाएगी” — भुवन भट्ट

सवर्ण शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भुवन भट्ट ने हुंकार भरते हुए सरकार और राजनीतिक दलों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “अब बहुत हो गया मौन, अब सवर्ण समाज जाग चुका है। UGC का नियम पूरी तरह एकतरफा है।”

भुवन भट्ट ने 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए बड़ा राजनीतिक ऐलान किया कि सवर्णों का संकल्प अब एक ही है— जो हमारे हक की बात नहीं करेगा और जो UGC के मुद्दे पर मौन रहेगा, आगामी चुनाव में जनता उसे करारा सबक सिखाएगी। उन्होंने दो-टूक कहा कि सवर्णों ने न तो कभी दबना सीखा है और न ही झुकना, यदि एक आवाज दबाओगे तो हजारों-लाखों आवाजें गूंज उठेंगी।

यह भी पढ़ें 👉धारचूला में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पर कुदरत का कहर: भारी बारिश से उफनाए कूलागाड़ में टनकपुर-तवाघाट हाईवे का नवनिर्मित बेली ब्रिज बहा, चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कटा

वक्ताओं के तीखे प्रहार और चिंताएं

जनसंवाद कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न वक्ताओं ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना की:

  • विशाल शर्मा ने कहा कि यह नियम शिक्षण संस्थानों में छात्रों के बीच आपसी नफरत की दीवार खड़ी करेगा। हम वेद-मंत्र भी जानते हैं और अपने हकों के लिए लड़ना भी जानते हैं, यह लड़ाई हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।

  • पूर्व मंत्री प्रकाश हरबोला ने कहा कि शिक्षा में सबको बराबर का हक मिलना चाहिए, किसी एक विशेष वर्ग को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।

  • योग गुरु मुकेश रघुवंशी ने कहा कि सनातन संस्कृति हमेशा सबको जोड़ने का काम करती है, समाज को तोड़ने वाले ऐसे नियम कतई नहीं चलेंगे।

  • तेज सिंह कार्की ने सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकारें लगातार सवर्णों की अनदेखी कर रही हैं, जिसके कारण अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केवल हिंदू वोट बैंक न समझा जाए, यदि हम संगठित हो गए तो 2027 के चुनाव में इसका भारी परिणाम भुगतना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें 👉तिरंगा लेकर झूमे इंजीनियर और कर्मचारी: सबसे जटिल और भूगर्भीय दरारों वाली 10 किमी लंबी सुरंग में मैक्स इंफ्रा और RVNL को मिली बड़ी कामयाबी

सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित और उग्र आंदोलन की चेतावनी

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों द्वारा सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में मांग की गई कि UGC का यह नियम तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, अन्यथा संगठन द्वारा पूरे उत्तराखंड में एक उग्र और व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

इस विशाल जनसंवाद कार्यक्रम में तरुण वानखेड़े, अमित चौहान, संजय बिष्ट, भुवन पांडे, हरीश रावत, सीमा बत्रा, दीप्ति गुररानी, प्रभा खनका, किरण बोरा, अलका वार्ष्णेय, लीला भंडारी, प्रियंका वार्ष्णेय, तृप्ति वार्ष्णेय, रश्मि शर्मा, आंसू राठौर, ममता आहूजा, दीपक जोशी, गिरीश पाठक, काजल खत्री, अम्बा दत्त भट्ट और बालम जोशी सहित सैकड़ों गणमान्य लोग व महिलाएं उपस्थित रहीं।


Spread the love

You missed