Spread the love

देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रूप से लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल के न्यायालय द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम (Gunda Control Act) के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के विरुद्ध जिला बदर (Exile) के आदेश पारित किए गए हैं।

दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास और दर्ज मुकदमे

प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा जिन दो व्यक्तियों के खिलाफ यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:

  1. राजू सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी— इनके विरुद्ध अवैध गतिविधियों को लेकर आबकारी अधिनियम के 7 प्रकरण तथा गुंडा नियंत्रण अधिनियम का 1 प्रकरण दर्ज है।

  2. पूरन सागर पुत्र स्व. रामकुमार, निवासी नाथूपुर पाडली, लामाचौड़, थाना मुखानी— इनके विरुद्ध भी आबकारी अधिनियम के 4 प्रकरण तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323, 504 एवं 506 (मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी) के अंतर्गत गंभीर मामले दर्ज हैं।

 छह माह की अवधि के लिए नैनीताल जिले से निष्कासित

उक्त प्रकरणों में संकलित आपराधिक अभिलेखों और इन तत्वों की वजह से जनपद की कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को गंभीरता से दृष्टिगत रखते हुए, माननीय जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह माह (06 Months) की अवधि के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से पूरी तरह निष्कासित करने के आदेश पारित कर दिए गए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जनपद में आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों और असमाजिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार सख्त निरोधात्मक कार्रवाई आगे भी पूरी मुस्तैदी से जारी रहेगी। प्रशासन के इस कड़े कदम से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।


Spread the love

You missed