Uttarakhand Crime Concept Representing Sitarganj Suicide Case Investigationसितारगंज महिला आत्महत्या प्रकरण के खुलासे के बाद कार्रवाई करती पुलिस टीम।
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देवभूमि जन हुंकार, सितारगंज / ऊधमसिंहनगर: देवभूमि ऊधमसिंहनगर जनपद के सितारगंज क्षेत्र में बीते दिनों एक महिला की जलने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने एक अत्यंत सनसनीखेज और चौंकाने वाला खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति के सख्त निर्देशन में पुलिस टीम ने निष्पक्ष विवेचना करते हुए मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले प्रेमी तथा उसे आत्महत्या के साधन (पेट्रोल) उपलब्ध कराने वाले उसके साथी— दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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क्या थी पूरी घटना?

प्राप्त विवरण के अनुसार, दिनांक 15 अगस्त 2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक (ऑटो) में आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि टुकटुक के भीतर सरस्वती नामक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी, जिससे उसमें सवार पवित्र सरकार और सरस्वती दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे।

गंभीर हालत के चलते सरस्वती को प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और फिर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था, जहाँ उपचार के दौरान दिनांक 19 अगस्त 2026 को उसकी मृत्यु हो गई थी। घटना के संबंध में मृतका के पिता श्री दयाल चंद्र मंडल की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

महिला के साथ हुई इस गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए एसएसपी ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति ने प्रकरण की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सितारगंज के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, CDR और CCTV फुटेज खंगालनी शुरू की, जिससे दो अलग-अलग और सनसनीखेज भूमिकाएं सामने आईं।

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दोनों अभियुक्तों की अलग-अलग भूमिका का खुलासा

पुलिस की गहन विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि इस पूरे tragical घटनाक्रम में दोनों आरोपियों की अलग-अलग आपराधिक भूमिका थी:

  1. अभियुक्त पवित्र सरकार उर्फ कन्हई:

    वह पिछले 3-4 वर्षों से मृतका सरस्वती के संपर्क में था। परिवार और पत्नी के विरोध के बाद वह सरस्वती से पीछा छुड़ाना चाहता था, लेकिन साथ ही उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाता था। वह कहता था कि वह सरस्वती के बिना नहीं रह सकता और मर जाने या फांसी लगाने की धमकियां देता था, जिससे सरस्वती मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। पुलिस ने उसकी इन हरकतों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण (Abetment to Suicide) की कड़ी मानते हुए धारा 108 BNS के तहत गिरफ्तार किया।

  2. अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार:

    विवेचना में सामने आया कि जितेन्द्र पहले से सरस्वती को जानता था। वह उससे एकतरफा प्रेम करता था और चाहता था कि किसी तरह सरस्वती और पवित्र अलग हो जाएं। घटना वाले दिन (15 अगस्त) जितेन्द्र ने अपनी मोटरसाइकिल से सरस्वती को सितारगंज लाया। उसने दुकान से ड्यू कोल्ड ड्रिंक की बोतल खरीदी, उसे खाली कर अपनी मोटरसाइकिल से पाइप निकालकर उसमें पेट्रोल भरा और वह बोतल सरस्वती को दे दी। इसके बाद उसने पवित्र के टुकटुक का पीछा कर उसके सामने मोटरसाइकिल लगाई और सरस्वती को पेट्रोल व लाइटर देकर पवित्र के टुकटुक में बैठा दिया, जिसके बाद सरस्वती ने खुद को आग लगा ली।

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ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोले सारे राज

जांच के दौरान मृतका सरस्वती के मोबाइल फोन से घटना के दिन की अभियुक्त जितेन्द्र के साथ 06 ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद हुईं। इन रिकॉर्डिंग में पेट्रोल की व्यवस्था करने, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर साथ रखने और तत्काल मिलने संबंधी बातचीत स्पष्ट रूप से दर्ज पाई गई।

इन पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों, बयानों और CDR के आधार पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों— पवित्र सरकार उर्फ कन्हई (निवासी शक्तिफार्म, सितारगंज) तथा जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार (निवासी बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से दोनों को जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।


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