Uttarakhand Legal Concept Representing Bar Council Protest Over Advocate Threatअधिवक्ता नवनीश नेगी को धमकी मिलने के बाद विरोध जताते लीगल फ्रेटरनिटी के सदस्य।
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून / नैनीताल: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड, कोटद्वार के दीपक कुमार प्रकरण समेत विभिन्न जनहित और संवेदनशील मामलों की निष्पक्षता से पैरवी कर रहे नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता नवनीश नेगी को धमकी दिए जाने के मामले में सियासत और लीगल जगत में उबाल आ गया है। बार काउंसिल के सदस्यों और संगठनों ने इस घटना की एक स्वर में तीव्र भर्त्सना करते हुए पुलिस-प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उत्तराखंड में ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करने की पुरजोर मांग की है।

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प्रेस को जारी अपने एक तीखे बयान में बार काउंसिल सदस्य एवं AILAJ के प्रतिनिधि राजन सिंह मेहरा ने कहा कि संगठन की ओर से अधिवक्ता नवनीश नेगी को धमकी दिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवनीश नेगी एक अत्यंत संवेदनशील, अध्ययनशील और निष्पक्ष अधिवक्ता हैं जो समाज और न्याय की लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जाना एक बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।

खुलासा करते हुए राजन सिंह मेहरा ने बताया कि धमकी देने वाले शातिर व्यक्ति ने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए देश से बाहर के स्रोतों तथा आम नागरिकों व पुलिस के लिए आसानी से न पढ़ी जा सकने वाली जटिल व अपठनीय भाषाओं का इस्तेमाल किया है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि उच्च तकनीकी माध्यमों से तुरंत धमकी देने वाले की पहचान सुनिश्चित की जाए और अधिवक्ता नवनीश नेगी की सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता किया जाए।

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वकीलों का कहना है कि देश के कई अन्य राज्यों में वकीलों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बन चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड में पिछले कई वर्षों से लगातार मांग के बावजूद ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (Advocate Protection Act) को लागू नहीं किया जा रहा है। इसी उदासीनता के कारण अधिवक्ताओं को आए दिन ऐसे असामाजिक तत्वों और अपराधियों के प्रताड़ना भरे रवैये से गुजरना पड़ रहा है, जो अधिवक्ता समाज और स्वतंत्र न्याय प्रणाली के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

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बयान के अंत में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी जैसे गंभीर मामलों में न्याय दिलाने के लिए लड़ने वाले वकीलों को धमकाने वाले अपराधियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। यदि समय रहते पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, तो बार काउंसिल के समस्त सदस्यों से विचार-विमर्श कर अगली उग्र रणनीति तैयार की जाएगी।


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