देवभूमि जन हुंकार, उत्तराखंड: देवभूमि में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने तथा समाज विरोधी एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल निर्देशन में जनपदभर के स्पा सेंटरों, होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य संदिग्ध स्थलों पर संदिग्ध व अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 15 से ज्यादा ठिकानों पर की छापेमारी
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार, इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस बल ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए 15 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस और संदिग्ध स्थलों की सघन चेकिंग की। इस औचक और बड़ी कार्रवाई में 50 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने एक साथ विभिन्न इलाकों में पहुंचकर परिसरों की तलाशी ली।
अचानक हुई इस ताबड़तोड़ चेकिंग से होटल और स्पा संचालकों में हड़कंप मच गया। चेकिंग के दौरान परिसरों में मौजूद लोगों के दस्तावेजों, पहचान-पत्रों और रजिस्टरों की बारीकी से जांच की गई।
14 से अधिक संदिग्ध महिला एवं पुरुष पूछताछ हेतु रोके गए
अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थलों से 14 से अधिक संदिग्ध महिला एवं पुरुषों को पूछताछ व सत्यापन हेतु हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस इन सभी से आवश्यक पूछताछ कर रही है तथा उनके संबंध में उपलब्ध अभिलेखों, पहचान-पत्रों और अन्य तथ्यों का गहनता से सत्यापन किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे किसी भी संदेहास्पद या गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त तो नहीं हैं।
संचालकों को सख्त हिदायत: नाबालिगों का शोषण या अनैतिक व्यापार बर्दाश्त नहीं
चेकिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने होटल, गेस्ट हाउस और स्पा संचालकों तथा वहां कार्यरत कर्मचारियों को बेहद स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है:
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अवैध गतिविधियों पर रोक: किसी भी परिसर में नाबालिगों का शोषण, मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार (प्रॉस्टिट्यूशन) अथवा अन्य किसी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित या संरक्षित नहीं होनी चाहिए।
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पहचान-पत्र अनिवार्य: प्रत्येक ग्राहक और आगंतुक का नियमानुसार पहचान-पत्र (ID Proof) का सत्यापन तथा आवश्यक अभिलेखों का संधारण करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
BNS और पुलिस अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस ने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, पहचान-पत्र सत्यापन, लाइसेंस अथवा अन्य आवश्यक अभिलेखों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध उत्तराखंड पुलिस अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, यदि किसी भी अवैध गतिविधि में संचालक या कर्मचारी की मिलीभगत, संरक्षण या जानबूझकर सूचना छिपाने की पुष्टि होती है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के स्पा सेंटरों, होटलों और संदिग्ध स्थलों को चिन्हित कर उन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नाबालिगों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अवैध गतिविधियों को जड़ से मिटाना है। भविष्य में भी इस प्रकार की अचानक और सघन चेकिंग कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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