उपनल कर्मचारियों के लिए धामी सरकार का बड़ा फैसला: अब ‘अस्थायी’ नहीं ‘संविदा’ पर मिलेगी नियुक्ति, 60 वर्ष तक सुरक्षित हुई नौकरी
देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के हजारों उपनल (UPNL) कर्मचारियों के लिए खुशियों भरी खबर है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कर्मचारियों की ‘समान कार्य-समान वेतन’ की मांग की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए संशोधित अनुबंध पत्र जारी कर दिया है। कार्मिक विभाग के अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत द्वारा जारी इस नए अनुबंध में कर्मचारियों की कई वर्षों पुरानी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है।
60 साल की उम्र तक सेवा का रास्ता साफ
नए प्रावधानों के अनुसार, अब उपनल कर्मचारियों का विभागीय समायोजन ‘अस्थायी’ (Temporary) के बजाय ‘संविदा’ (Contract) के आधार पर किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संविदा को हर वर्ष नवीनीकृत करते हुए 60 वर्ष की आयु तक बढ़ाया जाएगा। सरकार ने पुराने अनुबंध की उस ‘अस्थायी समायोजन’ वाली शर्त को जड़ से खत्म कर दिया है, जिसका कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
पुरानी श्रेणियां खत्म, अब पद के अनुसार मिलेगी संविदा
सरकार ने उपनल द्वारा पहले से निर्धारित अकुशल, अर्द्धकुशल और अधिकारी स्तर जैसी श्रेणियों को अब हटा दिया है। अब कर्मचारियों की नियुक्ति विभाग के पद की प्रकृति के अनुसार सीधे संविदा पर की जाएगी। इससे पद की गरिमा और वेतन विसंगति दूर होने में मदद मिलेगी।
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नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई अन्य लाभ भी जोड़े गए हैं:
अवकाश: कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश (CL) और 15 उपार्जित अवकाश (EL) का लाभ मिलेगा। (ध्यान रहे कि उपार्जित अवकाश अगले वर्ष के लिए नहीं जुड़ेंगे)।
भत्ते: कर्मचारियों को अब उनके मानदेय के साथ महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा।
ग्रेच्युटी: संशोधित अनुबंध में स्पष्ट किया गया है कि ग्रेच्युटी को कुल मानदेय का हिस्सा माना जाएगा।
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कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए अनुबंध में यह भी जोड़ा गया है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति बनती है, तो उसे नियमानुसार अपनी बात रखने और सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा।





