पुष्कर सिंह धामी
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देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन परियोजना में पेड़ों के कटान पर CM धामी ने लगाई रोक! 👇

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता और पर्यावरण प्रेमियों के भारी विरोध के बीच एक बड़ा और संवेदनशील विधिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन सड़क परियोजना के मार्ग में आने वाले पेड़ों के प्रस्तावित कटान पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों से कहा है कि जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण संगठनों की ओर से आ रहे सुझावों व चिंताओं का प्रदेश सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।

अधिकारियों को दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित करने के विधिक निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्थानीय जनता, विशेषज्ञों और सभी हितधारकों (Stakeholders) के साथ मेज पर बैठकर दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित करें। सरकार सभी पक्षों की विधिक और व्यावहारिक बात सुनकर ही आगे कदम बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विधिक परियोजना है। इस पर पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा सभी आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अनुरूप ही विधिक कार्यवाही की जा रही थी।

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वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनेगा 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास

इस परियोजना में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए कई विशेष विधिक प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत राजाजी नेशनल पार्क के प्रभाव वाले क्षेत्र में लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना और शानदार हाथी अंडरपास बनाया जाना विधिक रूप से प्रस्तावित है।

इसके अतिरिक्त, छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट (पुलिया), ग्रीन गाइड हेज, साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक और नो-हार्न जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क हादसों में होने वाली वन्यजीवों की मौतों में भारी कमी आएगी।

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₹743 करोड़ की लागत से चमकेगा 20 किलोमीटर लंबा हाईवे

यह पूरी परियोजना करीब 743 करोड़ रुपये की विधिक लागत से विकसित की जा रही है, जिसके तहत 20 किलोमीटर लंबा चार से छह लेन का अत्याधुनिक मार्ग तैयार होना है। इस मार्ग के निर्माण से देहरादून, जालीग्रांट एयरपोर्ट और तीर्थनगरी ऋषिकेश के बीच सुगम संपर्क उपलब्ध होगा और चारधाम यात्रा व पर्यटन को भारी गति मिलेगी।

पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुँचाने के लिए वन क्षेत्र में राइट ऑफ वे (Right of Way) को 60 मीटर से घटाकर मात्र 23 मीटर किया गया है। साथ ही, मार्ग में आने वाले 754 पेड़ों को काटने के बजाय उन्हें वैज्ञानिक तकनीक से अन्यत्र विधिक रूप से प्रत्यारोपित (Transplantation) करने की भी मजबूत योजना बनाई गई है।

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जानिए क्या है राजमार्ग (NH-07) की वर्तमान स्थिति

भानियावाला-जालीग्रांट-ऋषिकेश मार्ग (NH-07) वर्तमान में तीव्र यातायात के दबाव से जूझ रहा है, जिसका विधिक और तकनीकी विवरण इस प्रकार है:

  • मौजूदा सड़क की स्थिति: वर्तमान में यह पूरा मार्ग सिर्फ दो लेन का है।

  • दैनिक यातायात का दबाव: इस मार्ग से रोजाना लगभग 18,456 वाहनों की आवाजाही होती है।

  • यातायात भार (Traffic Load): इस हाईवे पर वर्तमान में करीब 15,088 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का अत्यधिक भार दर्ज है, जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।

मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि सरकार उच्च न्यायालय के विधिक आदेशों का पूरा सम्मान करती है, लेकिन उनके लिए प्रकृति, जनभावनाएं और विकास तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और इन्हीं के बीच संतुलन बनाना प्राथमिकता है।

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