
देवभूमि जन हुंकार, नई दिल्ली/मुंबई: भारत की पहली बुलेट ट्रेन का बहुप्रतीक्षित इंतजार अब धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और परियोजना के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में सिविल निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगस्त 2027 में पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने की प्रबल संभावना है, जबकि कुछ प्राथमिक सेक्शनों को इससे पहले भी चालू किया जा सकता है।
सूरत में बनकर तैयार हुआ ‘डायमंड’ थीम आधारित स्टेशन
गुजरात का सूरत स्टेशन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के सबसे प्रमुख और आकर्षक स्टेशनों में से एक है। इस स्टेशन की वास्तुकला और बाहरी डिजाइन को सूरत के विश्वप्रसिद्ध डायमंड कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग से प्रेरित होकर तैयार किया गया है, ताकि स्टेशन शहर की वैश्विक व्यापारिक पहचान को प्रतिबिंबित कर सके।
सूरत स्टेशन का मुख्य स्ट्रक्चरल फ्रेम और विशाल छत का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वर्तमान में स्टेशन परिसर में फर्श, आधुनिक क्लैडिंग और सीलिंग जैसी इंटीरियर फिनिशिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
मुंबई BKC: जमीन से 30 मीटर नीचे बन रहा देश का अनूठा अंडरग्राउंड स्टेशन
कॉरिडोर का शुरुआती टर्मिनल स्टेशन मुंबई के प्रतिष्ठित बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थापित किया जा रहा है। तकनीकी दृष्टि से यह स्टेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसे जमीन से लगभग 30 मीटर नीचे (Underground) बनाया जा रहा है। साइट पर भारी इंजीनियरिंग मशीनरी के साथ गहरी खुदाई और फाउंडेशन का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 12 अत्याधुनिक स्टेशन
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है, जो महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इस पूरे हाई-स्पीड मार्ग पर कुल 12 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC – मुंबई), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। इनमें से साबरमती स्टेशन को एक विशाल मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां यात्रियों को बुलेट ट्रेन के साथ-साथ अहमदाबाद मेट्रो, बीआरटीएस (BRTS) और भारतीय रेलवे की सीधी इंटर-कनेक्टिविटी की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी।
320 Kmph की रफ्तार, 2 घंटे में सफर
परियोजना के तहत चलने वाली बुलेट ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस बुलेट रफ्तार के चलते 508 किलोमीटर की पूरी दूरी मात्र दो घंटे में पूरी हो जाएगी। इससे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और प्रमुख औद्योगिक केंद्र अहमदाबाद के बीच की यात्रा में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
विदित हो कि इस ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी, और अब अगस्त 2027 की समयसीमा को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य किया जा रहा है।
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