
बागेश्वर में प्रस्तावित ₹19.30 करोड़ के राज्य अतिथि गृह की सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने की समीक्षा। पहाड़ी वास्तुशैली और 20 बेड डोरमेट्री के दिए निर्देश।

संवाददाता सीमा खेतवाल
देवभूमि जन हुंकार, देहरादून/बागेश्वर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में सरकारी परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण, आधुनिकीकरण और निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं स्थानीय उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद बागेश्वर को एक भव्य और सर्वसुविधायुक्त राज्य अतिथि गृह की महत्वपूर्ण सौगात मिलने जा रही है। सोमवार को सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की।
₹1930.11 लाख के विस्तृत आगणन पर हुआ मंथन
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में विभागीय व्यय वित्त समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यदायी संस्था प्रान्तीय खंड, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) बागेश्वर द्वारा तैयार राज्य अतिथि गृह निर्माण कार्य योजना के ₹1930.11 लाख (लगभग ₹19.30 करोड़) के संस्तुत विस्तृत आगणन (Detailed Estimate) पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लोनिवि की ओर से प्रस्तावित परियोजना का एक विजुअल प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली में आकार लेगा भवन
प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करने के उपरांत सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह केवल एक प्रशासनिक आवासीय भवन मात्र नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भवन अपनी उपयोगिता के साथ-साथ बागेश्वर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को भी प्रदर्शित करे। सरकारी भवनों के निर्माण में आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय परिवेश और पर्वतीय वास्तुकला का विशेष ध्यान रखा जाना अनिवार्य है।”
सचिव ने भवन के मुख्य प्रवेश द्वार और मुख्य भवन पर राज्य अतिथि गृह का लोगो एवं साइनेज अत्यंत आकर्षक, सुस्पष्ट और प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
20 व्यक्तियों की क्षमता वाली डोरमेट्री और स्टोर रूम
समीक्षा बैठक में अतिथि गृह में रुकने वाले कर्मचारियों व सहायकों के लिए प्रस्तावित डोरमेट्री कक्ष की क्षमता को 20 व्यक्तियों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उपलब्ध अतिरिक्त क्षेत्रफल का अधिकतम और बेहतर सदुपयोग करते हुए एक सुव्यवस्थित स्टोर कक्ष भी प्रस्तावित करने को कहा गया, जिससे भवन की दैनिक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, संयुक्त सचिव राज्य संपत्ति विभाग सुरेंद्र सिंह रावत, नियोजन विभाग के प्रतिनिधि अयाज अहमद तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता ऋषिराज वर्मा उपस्थित रहे।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बैठक में दिए गए समस्त संशोधनों को शामिल करते हुए संशोधित विस्तृत कार्ययोजना अविलंब शासन के समक्ष प्रस्तुत की जाए ताकि वित्तीय एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं के बाद धरातल पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
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