Talla Okhalkanda Village In Bhimtal Nainital Where Community United To Support Four Orphaned Children
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देवभूमि जन हुंकार, तल्ला ओखलकांडा (भीमताल – नैनीताल): जनपद नैनीताल अंतर्गत भीमताल विधानसभा क्षेत्र के तल्ला ओखलकांडा में बीते दिनों घटित हुई एक अत्यंत हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मां डिकरी देवी की असामयिक मौत के बाद उनके चार छोटे-छोटे मासूम बच्चों के सिर से ममता का आंचल हमेशा के लिए छिन गया है। इस कठिन और संकटपूर्ण समय में गांव के पड़ोसियों और ग्रामीणों ने असाधारण संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों को सहारा देने के लिए आगे आकर इंसानियत और सामुदायिक सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है।

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रानीबाग में हुआ अंतिम संस्कार, पड़ोसियों ने संभाले बच्चे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को मृतका डिकरी देवी के परिजन अंतिम संस्कार और अंत्येष्टि की विधिक प्रक्रिया के लिए शव को लेकर रानीबाग पहुंचे। परिजन जब वहां व्यवस्थाओं में व्यस्त थे, तब पीछे घर पर रह गए चारों छोटे बच्चों की संपूर्ण देखभाल की जिम्मेदारी गांव के संवेदनशील पड़ोसियों और ग्रामीणों ने पूरी निष्ठा के साथ संभाली। ग्रामीणों ने लगातार बच्चों के पास रहकर यह सुनिश्चित किया कि उन्हें किसी भी प्रकार के अकेलेपन या असुरक्षा का आभास न हो।

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परिवार में कोई वयस्क नहीं, पूरा गांव बना अभिभावक

तल्ला ओखलकांडा के ग्राम प्रधान कमल बोहरा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:

“डिकरी देवी की मृत्यु के पश्चात चारों मासूम बच्चों की परवरिश, भोजन और देखरेख के लिए फिलहाल परिवार में कोई भी वयस्क सदस्य मौजूद नहीं है। ऐसी अत्यंत संकटपूर्ण घड़ी में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि बच्चों को किसी भी अभाव का सामना नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीण अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों के रहने, शुद्ध भोजन और अन्य दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग कर रहे हैं।”

ग्रामीणों का कहना है कि इतनी अल्प आयु में मां को खो देना बच्चों के कोमल मन के लिए असहनीय आघात है। ऐसे में उन्हें केवल राशन या आवास की ही नहीं, बल्कि सबसे अधिक भावनात्मक संबल और अपनत्व की आवश्यकता है, जिसे पूरा करने के लिए ग्रामीण बारी-बारी से बच्चों के साथ समय बिता रहे हैं।

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आरोपी की तलाश में पुलिस की सघन दबिश जारी

उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन भी मामले की तहकीकात और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी सक्रियता से जुट गया है। तल्ला ओखलकांडा के उपनिरीक्षक (SI) अनीश अहमद ने बताया:

“घटना के मुख्य आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी हेतु पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। पुलिस टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और अन्य स्थानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। मामले की हर पहलू से विधिक जांच जारी है और शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।”

इस मार्मिक घटना के बाद जहां समूचे तल्ला ओखलकांडा में गहरा शोक व्याप्त है, वहीं संकट की इस घड़ी में ग्रामीणों द्वारा पेश की गई आत्मीयता ने चारों अनाथ बच्चों को एक मजबूत मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान किया है।


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