Uttarakhand Crime Concept Representing Kidnapping Plot Arrest In Dehradun Sahastradhara Road
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अपराध जगत की एक बेहद चौंकाने वाली और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। सहस्रधारा रोड पर बीते दिनों एक महिला के अपहरण के प्रयास की सनसनीखेज घटना से पूरे दून में हड़कंप मच गया था। दून पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस मामले का पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे अपहरण कांड की मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि 19 साल की एक युवती निकली है। पुलिस ने मुख्य अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके चार अन्य साथी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

23 सितंबर को सहस्रधारा रोड पर हुई थी अपहरण की कोशिश

पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, दिनांक 23 सितंबर 2026 को सुषमा वर्मा (पत्नी राहुल वर्मा, निवासी कानन कुंज, सहस्रधारा रोड) ने रायपुर थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि नाला पानी चेक के पास सुबह करीब 6:50 बजे कुछ अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें जबरन एक गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया गया था।

दिनदहाड़े महिला के अपहरण के प्रयास की इस गंभीर घटना को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने इसका तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देशों पर रायपुर थाना पुलिस और एसओजी देहात की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से खुला राज

गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास आने-जाने वाले तमाम रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही वादिनी से पूछताछ और अन्य संदिग्धों के तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुँचने में कामयाब रही।

दिनांक 26 सितंबर 2026 को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल मुख्य अभियुक्ता चाहत उर्फ अन्नू (उम्र 19 वर्ष, पुत्री विनोद कुमार, निवासी गोविंद विहार, डांडा लखौंड, थाना रायपुर, देहरादून) को सहस्रधारा रोड से गिरफ्तार कर लिया। उससे की गई कड़ी पूछताछ के आधार पर इस वारदात में शामिल 4 अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आ गए हैं।

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डेयरी के 7.5 लाख रुपये और दूध कम निकलने का विवाद

पूछताछ के दौरान अभियुक्ता चाहत उर्फ अन्नू ने जो कहानी बताई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। अन्नू ने खुलासा किया कि वह घटना में शामिल दीपक पासवान को पिछले 2 वर्षों से जानती थी और दोनों अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे। इसी सिलसिले में वे अपने एक परिचित के माध्यम से सुषमा वर्मा से मिले थे।

उनके बीच अठूरवाला भानियावाला स्थित एक डेयरी (जिसमें 11 गायें थीं) को चलाने का सौदा 07 लाख 50 हजार रुपये में तय हुआ था। इसके एवज में उनके द्वारा 5 लाख रुपये नकद और 2.5 लाख रुपये का चेक दिया गया था।

तय समझौते के अनुसार उन्हें बताया गया था कि उक्त गायों द्वारा प्रतिदिन 150 लीटर दूध दिया जाएगा, और वह दूध एग्रीमेंट के मुताबिक पुष्पा नेगी (जिनकी जमीन पर डेयरी बनी थी) को ही बेचना था। लेकिन मौके पर गायों का दूध बहुत कम निकला। जब उन्होंने इस बारे में सुषमा वर्मा से बात करते हुए अपने 5 लाख रुपये वापस मांगे, तो सुषमा ने उन्हें काम जारी रखने और बची हुई रकम में इसे एडजस्ट करने का आश्वासन दिया।

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ब्याज के भारी दबाव और टालमटोल से परेशान होकर रची साजिश

इस बीच अन्नू की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते उसे ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पैसों की सख्त जरूरत पड़ने पर जब उसने पुष्पा नेगी से बेचे गए दूध के एवज में उसके पास बचे अपने 1 लाख 22 हजार रुपये मांगे, तो पुष्पा ने कहा कि पैसे केवल सुषमा को ही दिए जाएंगे।

जब अन्नू ने सुषमा वर्मा से बात की, तो उसने मात्र 10 हजार रुपये देकर बाकी पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। सुषमा द्वारा लगातार आनाकानी की जा रही थी; वह न तो डेयरी में लगाए गए पैसे वापस कर रही थी और न ही दूध के एवज में पुष्पा नेगी से प्राप्त रकम उन्हें दे रही थी।

अन्नू ने पुलिस को बताया कि डेयरी में लगाई गई रकम उसने अन्य लोगों से ब्याज पर उठाई थी, और ब्याज वाले लगातार उन पर पैसे चुकाने का भारी दबाव बना रहे थे।

इसी मानसिक परेशानी और गुस्से में आकर उन्होंने दीपक के अन्य साथियों के साथ मिलकर सुषमा वर्मा को डराने का प्लान बनाया था। इस योजना को अंजाम देने के लिए कारगी चौक से एक काले रंग की स्विफ्ट कार किराए पर ली गई थी, जिसके एवज में गारंटी के तौर पर अन्नू ने अपनी स्कूटी गिरवी रखी थी। घटना से पहले वे रोशनाबाद हरिद्वार में अपने साथियों से मिले और वहां से अपने अन्य साथियों को लेकर देहरादून आए थे। 23 सितंबर की सुबह योजना के मुताबिक दीपक, आदित्य और लक्की स्विफ्ट कार से सुषमा को डराने सहस्रधारा पहुंचे थे, लेकिन सुषमा के शोर मचाने और आसपास के लोगों के जुटने पर पकड़े जाने के डर से वे भाग खड़े हुए थे।

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वांछित अभियुक्तों की सूची

पुलिस ने मुख्य अभियुक्ता को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है, तथा फरार चल रहे निम्नलिखित 4 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है:

  1. दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।

  2. सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोला खाल, जनपद टिहरी गढ़वाल।

  3. आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार।

  4. प्रियांशु पुत्र सुखपाल, निवासी नगला अहमद, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार।

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