Uttarakhand Crime Concept Representing University Molestation Case In Devprayag Tehri Garhwal
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देवभूमि जन हुंकार, देवप्रयाग / टिहरी गढ़वाल / देहरादून: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद के अंतर्गत देवप्रयाग से शिक्षा जगत को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है। देवप्रयाग स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में दो छात्राओं (एक नाबालिग और एक बालिग) के साथ शिक्षक द्वारा अश्लील हरकत और छेड़खानी किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। थाना बाहबाजार पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर के आरोपी शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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निदेशक की पूछताछ में हुआ मामले का खुलासा

पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 22 अगस्त की बताई जा रही है। मामले की तह तक जाने पर पता चला कि केंद्रीय संस्कृत विवि परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम ने स्वयं 14 सितंबर को छात्राओं से उनकी समस्याओं के संबंध में सामान्य पूछताछ की थी।

उसी बातचीत के दौरान निदेशक को पीड़ित छात्राएं कुछ असहज महसूस हुईं। निदेशक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों छात्राओं को भरोसे में लिया और उनसे गहनता से अलग में पूछताछ की। इस दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि छात्राओं के साथ कुछ बेहद आपत्तिजनक और गलत हुआ है।

निदेशक ने मामले की सत्यता की पुष्टि के लिए विश्वविद्यालय परिसर की महिला कार्मिकों से भी आंतरिक रूप से जांच कराई। जब आंतरिक जांच में मामला पुख्ता हो गया, तो संस्थान प्रभारी की ओर से 21 सितंबर को थाना बाहबाजार में शिक्षक के खिलाफ नामजद लिखित तहरीर दी गई। हालांकि आंतरिक प्रक्रिया और विधिक सलाह के चलते पुलिस को शिकायत मिलने में करीब एक माह का समय लगा, लेकिन तहरीर मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई।

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पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज

थाना बाहबाजार पुलिस ने संस्थान प्रभारी की तहरीर पर आरोपी शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

मामले की जांच कर रही जांच अधिकारी एसएसआई अनीता नेगी ने बताया कि प्रकरण में उपलब्ध तमाम साक्ष्यों के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष से कम सजा वाले प्रावधानों के मामलों में गिरफ्तारी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट और कानून के विधिक दिशा-निर्देशों व प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।

थाना बाहबाजार के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत ने बताया कि परिसर निदेशक की ओर से छात्राओं से ‘बैड टच’ और अमर्यादित व्यवहार के संबंध में लिखित तहरीर दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस साक्ष्यों के संकलन और तथ्यों की जांच में जुटी है।

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विवि प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को किया निलंबित

घटना की अत्यधिक गंभीरता और संस्थान की गरिमा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आरोपित शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

संस्थान निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम ने मीडिया को जानकारी दी कि निष्पक्ष जांच प्रक्रिया किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो, इसके लिए आरोपी शिक्षक को परिसर से हटाकर फिलहाल गेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय मुख्यालय को भी इस पूरे घटनाक्रम की लिखित सूचना भेज दी गई है, और विवि स्तर पर भी आंतरिक जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।


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